धार

MP में किसानों के मुद्दों लेकर कांग्रेस का ‘महाचक्काजाम’, दो नेताओं की तबियत बिगड़ी, 4 घंटे बंद रहा हाईवे

mp news: किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस का 580 किलोमीटर का महाचक्काजाम। हजारों किसानों की मौजूदगी में चक्का जाम। मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी।

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May 07, 2026
Congress Mahachakka Jam over farmers issues (फोटो- Patrika.com)

Congress Chakkajam Protest: मध्य प्रदेश में गुरूवार को आगरा-मुंबई हाईवे पर धार जिले के खलघाट से लेकर मुरैना तक 580 किलोमीटर के दायरे में 7 स्पॉट्स पर चक्काजाम किया। कांग्रेस ने शाजापुर के रोजवास टोल प्लाजा, ग्वालियर के निरवाली तिराहे, इंदौर बायपास, महू, मुरैना, शिवपुरी, गुना सहित कई जिलों में आंदोलन किया और हाईवे जाम किया। इस दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। आंदोलन के दौरान एक पूर्व विधायक और एक महिला नेत्री की तबियत खराब होने की खबर भी सामने आ रही है।

आंदोलन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई जिलों से विधायक सहित बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल हुए। चार घंटे बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौपने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रुख आने वाले दिनों में और उग्र होगा। कांग्रेस के इस महाचक्काजाम के कारण ग्वालियर से इंदौर तक करीब 700 किलोमीटर लंबे आगरा-मुंबई हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर ट्रक, बसें और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। (mp news)

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धार के खलघाट में हुई आंदोलन की शुरुआत

धार जिले के खलघाट में इस आंदोलन की शुरआत देखने को मिला। यहां किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस के आह्वान पर खलघाट टोल प्लाजा पर जोरदार हल्ला बोल आंदोलन किया गया। दोपहर करीब 12 बजे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हजारों किसान टोल प्लाजा पर जुटने लगे। देखते ही देखते आंदोलन ने विशाल जनआंदोलन का रूप ले लिया। आसपास के गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों से किसान बड़ी संख्या में पहुंचे और कुछ ही देर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सरकार के खिलाफ गूंजती नारेबाजी के बीच पूरा इलाका आंदोलन का केंद्र बन गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी अंदोलन में शामिल हुए।

कांग्रेस की मांगे, भाजपा पर लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और किसानों ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। किसानों ने भावांतर योजना का पूरा भुगतान, लंबित बकाया राशि का तत्काल निपटान, हर फसल की एमएसपी पर गारंटी खरीदी, खरीदी के सात दिनों के भीतर भुगतान, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने, खाद-बीज की तत्काल उपलब्धता, नरवाई जलाने के नियमों में राहत, कर्ज माफी, ब्याज राहत, फसल बीमा और मुआवजा भुगतान की समय सीमा तय करने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं।

चार घंटे तक थमा राष्ट्रीय राजमार्ग

कांग्रेस के नेतृत्व में किसान जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठे, यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को तत्काल मार्ग डायवर्ट करना पड़ा। महाराष्ट्र की ओर से आने वाले वाहनों को महेश्वर-धर्मपुरी मार्ग से इंदौर की ओर भेजा गया, जबकि महाराष्ट्र जाने वाले वाहनों को महेश्वर-मंडलेश्वर मार्ग से निकाला गया। करीब चार घंटे तक हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त रही।

प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर नजर बनाए रहे ताकि हालात नियंत्रण से बाहर न हों।

किसानों के साथ सड़क पर बैठे नेता

आंदोलन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक बाला बच्चन, विधायक सचिन यादव, कांतिलाल भूरिया, विधायक हनी बघेल, विधायक प्रताप ग्रेवाल, धरमपुरी के पूर्व विधायक पाचीलाल मेड़ा तथा महेश्वर की पूर्व विधायक विजयलक्ष्मी साधो सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि किसानों के हितों की लगातार अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। भीषण गर्मी के बावजूद आंदोलन में करीब तीन हजार से अधिक किसान मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक सचिन यादव और बाला बच्चन सहित अन्य नेता भी किसानों के साथ सड़क पर बैठे रहे। खलघाट टोल का पूरा इलाका लंबे समय तक आंदोलन का केंद्र बना रहा।

कलेक्टर और एसपी पहुंचे, सौंपा गया ज्ञापन

करीब 3 बजे धार कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। अधिकारियों द्वारा मांगों पर विचार का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।

भीषण गर्मी में बिगड़ी तबीयत

धरने के दौरान भीषण गर्मी का असर भी देखने को मिला। करीब चार घंटे तक सड़क पर डटे रहने के कारण धरमपुरी के पूर्व विधायक पाचीलाल मेड़ा अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल रेफर किया गया। वहीं धार जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रीति महेश्वरी की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

गुना में जयवर्धन सिंह ने संभाला मोर्चा

गुना में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन का नेतृत्व राघौगढ़ विधायक और कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह ने किया। जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां नेशनल हाईवे-46 स्थित बिलोनिया के पास किया चक्का जाम किया। इस दौरान विधायक जयवर्धन गायत्री मंदिर से बिलोनिया तक खुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। इस आंदोलन में बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल सहित गुना-अशोकनगर जिले के दिग्गज नेता और सैकड़ों किसान भी शामिल हुए। जयवर्धन अपने साथ उन किसानों के पंजीयन और स्लॉट बुकिंग के दस्तावेज भी लेकर आए थे, जिनकी तारीख मिलने के बावजूद भी सरकारी केंद्रों पर उपज नहीं खरीदी गई। उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसानों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम अपर कलेक्टर अखिलेश जैन को ज्ञापन सौंपा।

ग्वालियर में कांग्रेस नेता और पुलिस के बीच झड़प

कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन का सबसे बड़ा असर ग्वालियर में देखने को मिला, जहां आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। कांग्रेस के आंदोलन का नेतृत्व यहां अशोक सिंह, कमलेश्वर पटेल और संजना जाटव ने संभाली। नेताओं ने किसानों के साथ सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर एडीएम पहुंचे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाइवे खाली करने की चेतावनी दी लेकिन वह नहीं हटे। इसके बाद पुलिस बल का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। वहीं, इसी दौरान भिंड में कांग्रेस नेता राहुल भदौरिया और एक पुलिस आरक्षक के बीच झड़प भी देखने को मिली।

शिवपुरी में भी पहुंचे सैकड़ों किसान

शिवपुरी के पड़ोरा चौराहे पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्र हुए और सड़क पर चक्काजाम आंदोलन किया जिस कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। शिवपुरी में इस प्रदर्शन का नेतृत्व पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने किया। उनके साथ जिले के कई वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, किसान मोर्चा के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। यहां कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लिए कांग्रेसियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। चक्काजाम के कारण झांसी-शिवपुरी हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंचे एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम समाप्त किया गया।

शाजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच नोकझोंक

शाजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ता रोजवास टोल प्लाजा के पास एकत्रित हुए। यहां उज्जैन, देवास, तराना सहित आसपास के इलाकों से बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान चक्काजाम आंदोलन में पहुंचे। शाजापुर में आंदोलन का नेतृत्व तराना विधायक महेश परमार ने किया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी बात को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। शाजापुर में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हुए।

मुरैना में एसपी ने दी चेतावनी, कांग्रेस नेता गिरफ्तार

मुरैना में कांग्रेस का चक्काजाम करीब एक घंटे तक चला। यहां भी पुलिस ने कांग्रेस नेताओं नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ग्वालियर भेज दिया। मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने चेतावनी दी कि जाम लगाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। (mp news)

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Updated on:
07 May 2026 06:39 pm
Published on:
07 May 2026 06:38 pm
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