mp news: गाय की मौत के बाद पूरे गांव ने उसे एक सदस्य की तरह सम्मान देते हुए बैंड-बाजे के साथ भव्य अंतिम यात्रा निकाली और पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया।
mp news: मध्य प्रदेश में धार में ग्रामीण ने एक अनोखी मिसाल दी। जिले के ग्राम अकोदा में एक गाय की मृत्यु के बाद बैंड-बाजे के साथ अंतिम विदाई दी गई। गौमाता ओर पशु प्रेम की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। गाय की मौत के बाद पूरे गांव ने उसे एक सदस्य की तरह सम्मान देते हुए बैंड-बाजे के साथ भव्य अंतिम यात्रा निकाली और पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। इस अनोखे अंतिम संस्कार का वडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसे काफी प्यार मिल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार यह गाय गांव निवासी मोती सिंह पवार की थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस गाय ने अपने जीवनकाल में लगभग 22 बछड़ों को जन्म दिया था, जिससे उसका गांव में विशेष महत्व और भावनात्मक जुड़ाव था। गाय की मृत्यु की खबर फैलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया।
शनिवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में अंतिम यात्रा की तैयारी की गई। गाय माता के शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में सम्मानपूर्वक सजाया गया और बैंड-बाजे के साथ पूरे गांव में जुलूस निकाला गया।अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी ने श्रद्धा के साथ इस यात्रा में भाग लिया। पूरे गांव में भावुक माहौल देखने को मिला और लोग गाय माता को अंतिम विदाई देते नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि उनके लिए गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा होती है। यही कारण है कि उसकी मृत्यु पर पूरे गांव ने मिलकर अंतिम संस्कार किया और अपनी आस्था प्रकट की।
इस मौके पर विष्णु मुकाती (जिला विकासखंड उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ) ने कहा कि ग्राम अकोदा में गाय का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और परंपरा के साथ किया गया।उन्होंने कहा, “भारतीय किसान संघ गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग करता है। गाय हमारी माता है, एक जन्म देने वाली माता है और दूसरी हमारी धरती माता है ये तीनों ही हमारे जीवन का आधार हैं। गाय के प्रति यह आस्था हमारी संस्कृति और परंपरा को दर्शाती है।
बता दें कि, एमपी में कई बार गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने मांग समय-समय पर उठ चुकी है। इसी मांग को लेकर कंप्यूटर बाबा ने पिछले साल प्रदेश में गौमाता न्याय यात्रा निकाली थी। इसके अलावा एमपी सहित देश के कई कथावाचकों और संतों ने भी गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग उठाई है।