Bhojshala- भोजशाला में आस्था का महासैलाब…गर्भगृह में मां वाग्देवी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, महासत्याग्रह और दीपोत्सव प्रारंभ
Bhojshala- धार में आज फिर दिवाली मनाई जा रही है। ऐतिहासिक भोजशाला के मंदिर घोषित होने के बाद मंगलवार को यहां महासत्याग्रह के साथ वाग्देवी की वंदना के साथ स्तुति की गई। इसी के साथ दीपोत्सव का शुभारंभ हो गया। कोर्ट में मंदिर घोषित होने पर भोजशाला में भक्तों में अपार उत्साह है। यहां आस्था, उल्लास और विजय का वातावरण देखने को मिल रहा है। गर्भगृह में मां वाग्देवी के प्रतीकात्मक स्वरूप और अखंड ज्योति की स्थापना के बाद लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। इससे पहले सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने भोजशाला पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। धार सहित इंदौर, झाबुआ, खरगोन और आसपास के जिलों से श्रद्धालु परिवार सहित यहां पहुंचे थे।
करीब 700 वर्षों के लंबे संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद भोजशाला में हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने से लोगों में उत्साह चरम पर है। न्यायालय के आदेश के बाद एएसआइ द्वारा वर्षभर बिना रोक-टोक पूजा की अनुमति दिए जाने से श्रद्धालुओं की खुशी और बढ़ गई है। हालांकि रविवार को परिसर पर लगी भगवा पताका को एएसआइ ने हटा दिया था।
इंदौर से भोजशाला आए अवधेश शर्मा ने कहा कि वर्षों से भोजशाला के बारे में केवल पढ़ा और सुना था, लेकिन अब प्रत्यक्ष दर्शन कर मन अत्यंत प्रसन्न है। वहीं झाबुआ से आए जितेंद्र सोलंकी ने वीडियो कॉल के जरिए अपने रिश्तेदारों को भी दर्शन कराए।
भोज उत्सव समिति ने मंगलवार को भोजशाला में महासत्याग्रह का आह्वान किया है। समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि परमारकालीन भोजशाला मूल रूप से मां सरस्वती का मंदिर रही है और न्यायालय के निर्णय के बाद सनातन समाज की आस्था को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को सकल हिंदू समाज भोजशाला में सत्याग्रह करता आया है, लेकिन इस बार आयोजन ऐतिहासिक होगा।
परंपरा के अनुसार सुबह 8:55 बजे पूजा-पाठ की गई और हनुमान चालीसा का पाठ प्रारंभ किया। इसके बाद अखंड ज्योति मंदिर के बाहर प्रांगण में दीपावली उत्सव मनाया जाएगा। समिति ने जिलेभर के लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों से दीपक और पटाखे लेकर आएं और उत्सव का हिस्सा बनें। साथ ही श्रद्धालुओं से सनातन परंपराओं का पालन करने का आग्रह भी किया गया है।
मंगलवार के महासत्याग्रह और आने वाले शुक्रवार को संभावित भीड़ व संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े और आइजी अनुराग धार पहुंचे और कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में भोजशाला परिसर, आयोजन स्थलों और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान में भोजशाला परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है। आरएएफ, एसएफ, डीआरपी लाइन और विभिन्न थानों की पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। प्रशासन आने वाले दिनों में अतिरिक्त बल भी तैनात कर सकता है।