
Bhojshala Dhar sarasvati lok project plan dpr ready (photo: patrika creative)
Bhojashala Dhar Latest News: भोजशाला को धार्मिक स्वरूप मिलने के बाद अब धार (Bhojashala Dhar) को देश के बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। मां वाग्देवी की प्रतिमा की लंदन से वापसी की उम्मीदों के बीच भोजशाला परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को सरस्वती लोक के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना आकार ले रही है। स्थानीय स्तर पर इसकी विस्तृत प्लानिंग तैयार कर ली गई है।
शासन स्तर से घोषणा होते ही डीपीआर प्रस्तुत की जाएगी। परियोजना का उद्देश्य राजा भोज की गौरवशाली विरासत, भोजकालीन संस्कृति, वास्तुकला, साहित्य, इंजीनियरिंग और ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाना है।
भोज उत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया, मंगलवार सुबह पूजा और हनुमान चालीसा पाठ शुरू हो चुका है। इसके बाद अखंड ज्योति मंदिर (Bhojashala Dhar) के बाहर प्रांगण में दीपावली उत्सव मनाया जाएगा। लोगों से उत्सव में शामिल होने की अपील की।
सरस्वती लोक परियोजना भोजशाला (Bhojashala Dhar) को केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित परियोजना में धार्मिक परिसर, सांस्कृतिक प्रदर्शनी स्थल, संग्रहालय, पर्यटक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत संरचनाएं शामिल होंगी। इसके माध्यम से भोजकालीन ग्रंथ रचना, शिक्षा परंपरा, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे धार की पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, बेंगलूरु, दिल्ली और धार की तीन अलग-अलग प्रतिष्ठित फर्मों ने भोजशाला विकास को लेकर विस्तृत अवधारणात्मक रिपोर्ट तैयार की है। इन योजनाओं में लागत 725 करोड़ रुपए से लेकर 1800 करोड़ रुपए तक आंकी गई है। सरकार की स्वीकृति मिलते ही डीपीआर संबंधित विभागों और शासन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
धार की इतिहास और कला से जुड़ी संस्था द्वारा तैयार एक प्रस्ताव में भोजशाला (Bhojashala Dhar) के संरक्षित परिसर के भीतर विशेष सांस्कृतिक स्वरूप विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत 144 स्तंभों के बीच राजा भोज, उनके 9 रत्नों और भोजकालीन उपलब्धियों से जुड़ी करीब 80 प्रतिमाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है।
राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला (Bhojashala Dhar) मां सरस्वती का मंदिर था। न्यायालय द्वारा इसे मंदिर घोषित किया गया है। सीएम ने भी घोषणा की है कि अयोध्या और उज्जैन की तर्ज पर भोजशाला में सरस्वती लोक बनाया जाएगा। पूर्व के प्रस्ताव पर भी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मंत्री से मुलाकात कर आगे की रुपरेखा बनाई जाएगी।
- सावित्री ठाकुर, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद, धार
Published on:
19 May 2026 09:28 am
बड़ी खबरें
View Allधार
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
