MP news: ग्रामीणों पर हमला करते तेंदुए का डरा देने वाला वीडियो भी सामने आया है। हैरानी वाली बात यह है कि तेंदुए को अभी तक पकड़ा नहीं गया है।
MP news: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित गांव में तेंदुए का आतंक देखने को मिला है। यहां बुधवार को तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। मामला धार के वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुजरी (डेहरिया) बस्ती का है। यहां उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ अचानक बस्ती क्षेत्र में घुस आया। तेंदुए के हमले में एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए । ग्रामीणों पर हमला करते तेंदुए का डरा देने वाला वीडियो भी सामने आया है। हैरानी वाली बात यह है कि तेंदुए को अभी तक पकड़ा नहीं गया है। वह अभी भी बस्ती के पास है। इलाके में दर का माहौल है। तेंदुआ लोगो पर हमला कर वापस वापिस सीमेंट क पाईप मे घुस जाता हैं।
तेंदुए के हमले की सूचना तुरंत वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां वह अभी भी मौजूद है। वन विभाग और पुलिस के होने के बावजूद एक युवक ने बहादुरी दिखाई और तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया । फॉरेस्ट विभाग और पुलिस विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया । फिलहाल सभी घायलों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुजरी में उपचार जारी है।
मामले का दो वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक युवक को अकेले तेंदुए से भिड़ता हुआ नजर आ रहा है। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ एक पुलिसकर्मी पर अचानक से हमला कर रहा है। वहीं, एक दूसरी वीडियो में एक युवक तेंदुए के सिर को जमीन में दबाकर उसे पकड़ने की कोशिश करता दिखाई दिया। इस युवक को भी कई चोटें आई। युवक को भीं इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाय गया है।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ अभी भी बस्ती के आसपास ही मौजूद है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है । वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है । प्रशासन ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है । इन्ही घायलों के बाद तेंदुआ वन विभाग के कर्मचारी पर भी हमला बोला जिसे पेट मे चोट आई, जिसे धामनोद अस्पताल रेफर किया गया है। घायलों की पहचान महेश वास्केल, ग्यारसी लाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास पिता गोकुल डावर निवासी बडवेल के रूप में हुई है ।