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एमपी में रिटायर्ड CMO सहित 5 पर गिरी गाज, रोकी गई पेंशन-वेतनवृद्धि

MP News: भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के मामले में तत्कालीन सीएमओ विजय शर्मा सहित पांच अधिकारियों को दोषी पाया गया है।

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धार

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Astha Awasthi

Apr 17, 2026

Pensions and Increments hold

Pensions and Increments hold

MP News: नगर पालिका धार में वर्ष 2019-20 के दौरान हुए बहुचर्चित डामर घोटाले में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 27.87 लाख रुपए की सामग्री खरीदी में हुए भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के मामले में तत्कालीन सीएमओ विजय शर्मा सहित पांच अधिकारियों को दोषी पाया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि सड़कों के पेंचवर्क के लिए डामर खरीदी के दौरान न तो प्राक्कलन तैयार किए गए और न ही खुली निविदा आमंत्रित की गई। अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार कर खंड-खंड स्वीकृतियां लीं और बिना माप पुस्तिका के ही लाखों का भुगतान कर दिया।

तैयार नहीं किया गया पत्रक

स्टॉक रजिस्टर और इनवॉइस की तारीखों में भी भारी अंतर पाया गया। जांच प्रतिवेदन के अनुसार 2019 से 2020 की अवधि में धार नगर पालिका परिषद ने मेसर्स चिमनलाल रतनलाल गांधी, मेसर्स मयंक आइटी सोल्यूशन सागर और मेसर्स चेतनदास कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स आदि से 27 लाख 87 हजार 640 रुपयों की डामर सामग्री खरीदी थी।

जांच में यह बात भी सामने आई कि उक्त खरीदी मे प्राक्कलन तैयार नहीं किया गया था। साथ ही एक लाख रुपयों से अधिक की खरीदी के लिए खुली निविदा भी जारी नहीं की गई। गैर एसओआर सामग्री होने के बावजूद भी कोई पत्रक तैयार नही किया गया। निविदा समिति की दर अनुशंसा और परिषद से दर की सक्षम स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई।

आरटीआइ से हुआ खुलासा, कोर्ट जाएगा मामला

इस पूरे घोटाले को आरटीआइ कार्यकर्ता सुनील सावंत ने उजागर किया था। सावंत ने बताया कि वे विभाग की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा के लिए जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। आयुक्त नगरीय प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों की लापरवाही से निकाय को भारी आर्थिक क्षति हुई है।

इन पर हुई कार्रवाई

-तत्कालीन सीएमओ विजय कुमार शर्मा- लापरवाही पूर्वक भुगतान की स्वीकृति देने के कारण सेवानिवृत्त हो चुके शर्मा की पेंशन पर मिलने वाले महंगाई भत्ते की 10 प्रतिशत राशि 2 साल के लिए रोक दी गई है।

-सहायक लेखाधिकारी अनुपम तिवारी - बिना सही परीक्षण भुगतान अनुमति देने पर 2 वेतनवृद्धियां रोकी गईं।

-इंजीनियर राकेश बैनल -निविदा नियमों के उल्लंघन और बिना माप पुस्तिका भुगतान की कार्र्रवाई पर 2 वेतनवृद्धियां रोकी गईं।

-सहायक राजस्व निरीक्षक परशराम डोडवाल व पुनीत तिवारी-स्टॉक प्रबंधन और वित्तीय अनियमितता के चलते इनकी भी 2-2 वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश जारी हुए हैं।