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भोजशाला सर्वे 124 साल में कई बार, हर बार मिली मूर्तियां-श्लोक, MP HC में सुनवाई थोड़ी देर में

Dhar Bhojshala Hearing in MP High Court: मध्य प्रदेश की धार भोजशाला का विवाद एमपी हाईकोर्ट में जारी है। लगातार सुनवाई चल रही है, आज भी सुनवाई चलेगी।
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धार

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Sanjana Kumar

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Updated: 21 Apr 2026, 10:53 AM IST

bhojshala dispute hearing in mp high court

bhojshala dispute hearing in mp high court: एमपी हाईकोर्ट में सुनवाई थोड़ी देर में(photo:patrika creative)

Bhojshala: धार भोजशाला परिसर को लेकर हाईकोर्ट की युगलपीठ में पहले धार के हस्तक्षेपकर्ताओं की बहस पूरी हुई। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सर्वे पर बात रखी। बताया, हाईकोर्ट ने 2024 में सर्वे आदेश दिए। इससे पहले 1902 के बाद से ही कई बार सर्वे हो चुका है। अन्य शोधकर्ताओं ने भी सर्वे किया। हर सर्वे में मूर्तियां और श्लोक मिले। यह कई रिपोर्ट में है।

सुनवाई आज

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन ने दलील दी 2024 में कोर्ट के आदेश पर अत्याधुनिक तकनीक से सर्वे (Bhojshala) किया गया। रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। अब सुनवाई आज मंगलवार 21 अप्रैल को थोड़ी देर में होनी है।

मुस्लिम पक्ष ने पेश किए मस्जिद के सबूत

उधर, धार के जिब्रान अंसारी, फिरोज, अयाज की हस्तक्षेप याचिका पर वकील सैयद अशहार अली वारसी ने बात रखी। कहा, मंदिर (Bhojshala) के लिए जरूरी है शिखर, गोपुरम, मंडप, गर्भगृह, जो इस निर्माण में नहीं हैं। मस्जिद (Bhojshala) के लिए जरूरी किबला, जिसकी दीवार मक्का की ओर हो, वो यहां है।

1908 में ही पुरातत्व इमारत घोषित

सुनील जैन ने बताया, इसे 1908 में पुरातत्व महत्व (Bhojshala) की इमारतों में, तो 1958 में संरक्षित इमारतों में शामिल किया गया। इसी दौरान कोर्ट ने इसे भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद का नाम किस दस्तावेज में आया, उस पर जारी नोटिफिकेशन पर सवाल खड़ा किया था।

कई बार हो चुका है भोजशाला का सर्वे

बता दें कि ऐतिहासिक धार भोजशाला (Bhojshala) का मुख्य और नवीनतम वैज्ञानिक सर्वे 22 मार्च 2024 से शुरू किया गया था। जो 98 दिन तक चला। इस सर्वे की रिपोर्ट 15 जुलाई 202 को AsI ने एमपी हाईकोर्ट (इंदौर) में पेश की थी। जबकि इससे पहले 1902 में भी भोजशाला का सर्वे किया गया था। इस सर्वे के अलावा 7 अप्रैल 2003 को भी एक व्यवस्था के तहत जांच की गई थी। बताते चलें कि ASI ने जीपीआर और जीपीएस के साथ ही कार्बन डेंटिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसका सर्वे किया है।

सर्वे का उद्देश्य पता लगाना है कि यह मंदिर है या मस्जिद

सर्वे का उद्देश्य यह पता लगाना था कि धार भोजशाला (Bhojshala) स्थल एक सरस्वती मंदिर है या फिर कमाल मौला की मस्जिद। हिंदु इसे मंदिर का नाम देते हैं और मुस्लिम मस्जिद का। इसके अलावा जैन समाज भी अपनी याचिका दर्ज कर भोजशाला का तीसरा दावेदार बन चुका है। मामला हाईकोर्ट में है, जिसकी दोबारा सुनवाई शुरू हुई है। इस कड़ी में आज फिर सुनवाई होनी है।