Modi Cabinet: मध्य प्रदेश की धार-महू सीट से दूसरी बार सांसद चुनी गई सावित्री ठाकुर के परिवार का राजनीति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। जो भी पाया अपने दम पर। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक महीने पहले ही उन्हें दिए प्रशंसा पत्र में इशारा दे दिया था कि उनके रास्ते दिल्ली के लिए खुल चुके हैं... आप भी जानें सावित्री ठाकुर के संघर्षों की कहानी
Modi Cabinet: संघर्ष में ही तप कर सोना कुंदन बनता है। राजनीति में कब किस नेता की किस्मत बदल जाए, कहा नहीं जा सकता। ऐसा ही संयोग जुड़ा है धार सांसद सावित्री ठाकुर के साथ। धरमपुरी तहसील में छोटा सा गांव है कालीकिराय (तारापुर)। यहां सावित्री का जन्म किसान परिवार में हुआ। परिवार में राजनीति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। गांव में सरकारी स्कूल नहीं था। लिहाजा सावित्री रोजाना चार किमी दूर पैदल चलकर तारापुर पढऩे जाती थीं। आठवीं तक पढ़ाई के बाद हायर सेकंडरी धामनोद से की। 12वीं तक पढ़ाई करने वाली सावित्री ठाकुर ने परिवार पालने के लिए कालीबावड़ी में कुछ समय तक एसटीडी बूथ तक चलाया।
सावित्री ठाकुर के पिता अंतरसिंह दरबार वन विभाग में कर्मचारी थे। परिवार में पति तुकाराम खेती करते हैं। उनके दो बेटे हैं। समाजसेवा करने के मकसद से सावित्री एक एनजीओ से जुड़ीं। धार, बड़वानी और खंडवा जिले के कई गांवों में आदिवासी, गरीब और अशिक्षित महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया। सावित्री को राजनीति में लाने का श्रेय उस समय के धरमपुरी विधायक जगदीश मुवेल और तत्कालीन पार्टी जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा को जाता है। उन्होंने काबिलियत को समझा और आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
सावित्री ठाकुर को पीएम मोदी ने 8 मई को उनके संघर्षों में जीत का इतिहास दर्ज कराने के कारण उन्हें प्रशंसा पत्र दिया था। इसमें पीएम मोदी ने उनके कार्यों की सराहना की थी। इस पत्र में पीएम मोदी ने बड़ा इशारा करते हुए लिखा था कि नई सरकार में हम सब मिलकर देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने की हर संभव प्रयास करेंगे।
सावित्री ठाकुर ने 2003 में राजनीति में कदम रखा। जिपं सदस्य के लिए धरमपुरी वार्ड 27 से चुनाव लड़ा। तब उन्होंने अनारक्षित सीट पर जीत दर्ज की। कांग्रेस के कद्दावर नेता गोवर्धन मुकाती को शिकस्त दी। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के दो गुटों की लड़ाई चली और बाजी सावित्री के हाथ लग गई। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता उमंग सिंघार को हराया। हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में सावित्री ने 2 लाख 18 हजार 665 वोटों से जीत दर्ज की।