ट्रांसपोर्ट हड़ताल का असर
धार.
टोल पर जीएसटी की छूट, बीमा राशि जैसी कई मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई ट्रांसपोर्ट की हड़ताल का दूसरे दिन भी असर रहा। ट्रकों के चक्के थमे रहे, जिससे व्यापार भी प्रभावित नजर आया। न बाहर से माल आ रहा है और ना ही मंडी से माल लोड हो पाया।
बता दें कि विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से ट्रांसपोटर्स ने देश व्यापी हड़ताल कर दी है। यह हड़ताल अनिश्चितकालीन है, जिससे व्यापार पर खासा असर पड़ेगा। जहां बाजार में किराना, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, जनरल आइटम जैसी सामग्री नहीं पहुंची, वहीं ट्रकों के चक्के थम जाने से मंडी का माल बाहर नहीं जा पाया। बता रहे हैं कि माल नहीं होने के कारण एक-दो दिन में प्लांट पर भी बुरा असर पड़ सकता है। ट्रांसपोटर्स के मुताबिक प्रतिदिन धार मंडी से लगभग 20 से 25 ट्रक लोड होते हैं, जबकि आजारी वस्तुओं के लगभग 40 ट्रक रोज माल अनलोड होता है। ट्रांपोटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल से बाजार के अलावा मंडी व प्लांट का भविष्य भी संशय के घेरे में है।
बरसात में बेनूर हुई कृषि उपजमंडी
बेगार हुए मंडी व्यापारी, बाजार भी ठंडा
धार.
बरसात के कारण खेतों में व्यस्त किसान अब मंडी से दूरी बना चुका है। जिस मंडी की एवरेज आवक 8 हजार बोरी है, वहां अब महज 2 हजार बोराी की आवक रह गई है। दिन ब दिन मंडी की आवक घटती जा रही है, जिससे बाजारी कारोबार भी ठप नजर आ रहा है।
बता दें कि मंडी में माल बेचकर हाथ आई रकम से सिकान बाजार से जरूरी चीजों की खरीदी करता है, लेकिन लंबे समय से मंडी के कारण बाजार पर भी बड़ा असर रहा है। पहले मंडी से व्यापारियों का बहिष्कार फिर सरकारी खरीदी के कारण कलेक्टर का मंडी बंद करवाना।इसके बाद किसान आंदोलन का प्रभाव फिर एक बार ई-अनुज्ञा जैसी प्रणाली पर मंडी व्यापारियों का बंद न केवल मंडी व्यापारियों व किसानों बल्कि बाजार पर गहरा असर छोड़ गया। अब मंडी में बरसाती सन्नाटा पसरा है, जो बाजार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
देखें एक सप्ताह में मंडी की आवक
दिनांक आवक
16 जुलाई 7749 बोरी
17 जुलाई 5898 बोरी
18 जुलाई 6055 बोरी
19 जुलाई 4396 बोरी
20 जुलाई 4210 बोरी
21 जुलाई 2244 बोरी