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हाईकोर्ट में ASI रिपोर्ट, लंदन में भोजशाला की वाग्देवी प्रतिमा और मस्जिद के दावों पर तीखी बहस

Dhar Bhojshala: एमपी की धार भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में तीखी बहस जारी है। हिंदू पक्ष ने मस्जिद होने के सबूतों पर उठाया सवाल, कहां है वजूखाना, मीनार और मेहराब? वाग्देवी प्रतिमा से लेकर मंदिर होने और मस्जिद के दावों पर रखए गए तर्क

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धार

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Sanjana Kumar

May 09, 2026

dhar bhojshala vagdevi idol

dhar bhojshala vagdevi idol (photo:patrika creative)

Dhar Bhojshala: भोजशाला मामले में हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रिजॉइंडर (प्रति-उत्तर) पर सुनवाई शुरू की। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्व में इसे कमाल मौला मस्जिद बताने के लिए दी गई दलीलों पर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और कुलदीप तिवारी की ओर से रिजॉइंडर दिया गया।

तिवारी के वकील ने लंदन म्यूजियम में रखी मूर्ति को वाग्देवी प्रतिमा मानने से इनकार करने वाली दलीलों को खारिज कर कहा, एएसआइ की 1904 की रिपोर्ट में ही इसका जिक्र है। पेडेस्टेंड पर दर्ज जानकारी के आधार पर इसे वाग्देवी की प्रतिमा बताया गया है।

भोजशाला में वजूखाना, मीनार न ही मेहराब

धार भोजशाला को मस्जिद बताने वाली दलीलों पर कहा कि मस्जिद में कीबला, वजूखाना, मीनार और मेहराब अनिवार्य रूप से होती हैं। इनके बगैर मस्जिद की कल्पना नहीं की जा सकती। भोजशाला में न वजूखाना है न मीनार। वहीं एएसआइ रिपोर्ट बताती है कि यहां पश्चिमी दीवार के पास जो मेहराब है, वो बाद में बनाई गई। इसकी कोई नींव नहीं है। ऐसे में यह मस्जिद हो ही नहीं सकती।

संरक्षित धरोहर में नहीं हो सकती नमाज

हिंदू फ्रंट की ओर से वकीलों ने कहा, प्रकरण की सुनवाई के दौरान ये दलीलें दी गईं कि पूजा स्थल अधिनियम के प्रावधानों के तहत उन्हें नमाज का अधिकार है लेकिन राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह एक्ट लागू ही नहीं होता। भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है।

जानें क्या है भोजशाला?

धार स्थित भोजशाला को हिंदू पक्ष जहां मां वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर मानता है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की मस्जिद कहता है। वहीं जैन समाज ने भी भोजशाला को लेकर अपना तीसरा दावा पेश किया है।

क्या कहती है ASI की रिपोर्ट

ASI की रिपोर्ट्स में यहां संस्कृत और प्राचीन स्थापत्य के उल्लेख मिले हैं। हिंदू पक्ष दावा करता आया है कि यहां मिली मूर्तियां और स्तंभ मंदिर स्थापत्य की ओर संकेत करते हैं।

क्या है भोजशाला विवाद

यहां शुक्रवार को जहां मुस्लिम पक्ष मस्जिद मानकर जुमा की नमाज अदा करता है। वहीं हिंदू पक्ष मंदिर समझता है इसलिए वह हर मंगलवार को हनुमान चालिसा का पाठ करता है। दोनों ही पक्ष इस स्थल पर अपने धार्मिक अधिकार प्रस्तुत करते हैं।

अब क्या है लंदन में वाग्देवी प्रतिमा का विवाद

अब हिंदू पक्ष का दावा है कि लंदन में रखी प्रतिमा मां वाग्देवी की है। इसके समर्थन में ASI की 1904 रिपोर्ट और पेडेस्टल पर दर्ज विवरण का भी हवाला दिया गया है।