
Hanuman Mandir : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध अर्जी वाले हनुमान मंदिर में भगवान की 81 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है। पंचायती अखाड़ा निरंजनी के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज और महामंडलेश्वर गुरु मां आनंदमयी पुरी के सानिध्य और मार्गदर्शन में यह काम किया जा रहा है। प्रतिमा को मजबूती देने और दीर्घायु बनाने के लिए जमीन के 60 फीट नीचे तक इसका बेस स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान में गहराई में जाकर मिट्टी और पानी का परीक्षण किया जा रहा है।
महाकाल के लिए विख्यात उज्जैन में एक हनुमान मंदिर की भी खासी चर्चा बनी रहती है। इन्हें अर्जी वाले हनुमान कहा जाता है। इस मंदिर की ख्याति केवल उज्जैन या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां अपनी मुरादें भेजते हैं।
हनुमान का यह सिद्ध मंदिर माना जाता है। मंदिर में इंग्लैंड, अमेरिका, फ्रांस, दुबई, कनाडा, नीदरलैंड, हॉलैंड और लातविया जैसे देशों से श्रद्धालुओं की अर्जियां पहुंचती हैं।
भक्तों के बीच ऐसी गहरी मान्यता है कि अर्जी वाले हनुमान उनकी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण कर देंगे। माना जाता है कि बाबा के दरबार में अर्जी लगाने के बाद 11 शनिवार या 11 मंगलवार बीतने से पहले ही मनोकामना पूर्ण हो जाती है।
मंदिर में अब विशाल प्रतिमा स्थापित की जा रही है। मंदिर के व्यवस्थापकों के अनुसार इस विशाल प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरी तरह से वैज्ञानिक और वास्तु मापदंडों के आधार पर किया जा रहा है। निर्माण योजना के तहत 60 फीट की गहराई तक हर एक-एक फीट पर मिट्टी और पानी की बारीकी से जांच हो रही है। यह मजबूत स्ट्रक्चर जमीन के 60 फीट नीचे से शुरू होगा और इसके ऊपर बाबा की 81 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
अर्जी वाले हनुमान का मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। दरबार में अपनी मन्नतें या अर्जियां लगाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद से ही उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। हनुमानजी की विशाल प्रतिमा बनने के बाद उज्जैन के धार्मिक पर्यटन में एक और नया अध्याय जुड़ जाएगा।