
Ravan Dahan Shubh Muhurat: विजयादशमी (Dussehra 2026) पर्व आज मनाया जाएगा। यह दिन पूजा, आराधना के साथ शस्त्र पूजा के लिए भी विशेष शुभ माना जाता है। साल के सिद्ध मुहूर्ती में भी यह दिन विशेष शुभ माना जाता है। इसके साथ ही इस दिन बन रहे कई शुभ योग इस दिन को और खास बनाएंगे। मंगलवार के दिन इस पर्व की रौनक रहेगी, साथ ही ग्रह, नक्षत्रों के शुभ योगों से यह दिन और भी खास हो जाएगा। यह पर्व सुख समृद्धिदायक होगा, साथ ही किसान, व्यापारी, विद्यार्थी वर्ग के लिए विशेष शुभ रहेगा।
ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम के अनुसार दशहरे पर श्रवण नक्षत्र शाम तक रहेगा, साथ ही पूरे दिन सूर्य, बुध और शुक्र की युति से राजयोग बनेगा। दोपहर में विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 मिनट से 2:45 तक यानि 46 मिनट रहेगा। दशहरे का दिन साल के सिद्ध मुहूर्तों में से एक माना जाता है। ऐसे में ग्रह नक्षत्रों के शुभयोग से इस दिन सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी। खरीदारी के लिहाज से भी यह दिन श्रेष्ठ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 05:47 बजे से रात 08:23 बजे के बीच रहेगा।
20 अक्टूबर मंगलवार को नवमी तिथि दोपहर 12.51 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर, बुधवार को दोपहर 2.12 बजे तक रहेगी। मंगलवार को दशमी तिथि के साथ श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो शाम 6.18 बजे तक रहेगा। अगले दिन बुधवार को श्रवण नक्षत्र का संयोग नहीं होने से मंगलवार को ही विजयादशमी पूजन करना विशेष शुभ माना गया है। इस दिन अस्त्र-शस्त्रों की पूजा भी की जाती है।
सुबह 8:30 से 10:38 वृश्चिक लग्न
दोपहर 12:48 से 2:30 तक मकर लग्न
दोपहर 1:59 मिनट से 2:45 तक विजय मुहूर्त
दोपहर 12:44 से 2:30 मकर लग्न
शाम 5:35 से 7:22 बजे तक गोधूली बेला
दशहरा अबूझ मुहूर्त के रूप में भी प्रसिद्ध है। मान्यता के अनुसार, इस दिन दुकान, कार्यालय और प्रतिष्ठान शुरू करने, नया व्यापार आरंभ करने, बहीखाता पूजन, वाहन और मशीनरी खरीदने तथा नई विद्या या कला सीखने की शुरुआत करना शुभमाना जाता है। सोना-चांदी सहित धातुओं की खरीदारी, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता का भी विशेष महत्व है।