धर्म-कर्म

शिवजी के इस स्तोत्र से कटते हैं सात जन्म के पाप, मिलता है 12 ज्योतिर्लिंग का आशीर्वाद, ग्रह और यम भी करते हैं कृपा

dwadash jyotirlinga: भगवान शिव के धरती पर 12 ज्योतिर्लिंग हैं। मान्यता है यहां भगवान शिव ज्योति रूप में विराजमान हैं। इन 12 ज्योतिर्लिंग की महिमा द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् में बताई गई है। सावन में इसके पाठ से मृत्यु का भय नहीं रहता, धन धान्य और सुख मिलता है। आइये पढ़ें द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् ...

less than 1 minute read
Aug 02, 2024
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्

dwadash jyotirlinga stotram: धरती पर लोगों के कल्याण के लिए भगवान शिव 12 स्थानों पर ज्योतिर्लिंग रूप में विराजते हैं। मान्यता है इन द्वादश ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव की ज्योति बसती है। ये देश के अलग-अलग स्थानों पर हैं, और इनकी आराधना से अलग-अलग फल मिलते हैं।

साथ ही इनका ध्यान भगवान शिव तक आसानी से पहुंच जाता है और वो भक्त के सारे कष्ट हर लेते हैं। वैसे तो जीवन में एक बार इन ज्योतिर्लिंग का दर्शन जरूर करना चाहिए और किसी कारण ऐसा न कर सकें तो इन द्वादश ज्योतिर्लिंग का ध्यान करना चाहिए। इससे सभी पापों का नाश हो जाता है।

ये भी पढ़ें

ये चमत्कारी शिव मंत्र हर संकट से दिलाते हैं छुटकारा, सावन में जाप से कर्ज से मुक्ति संग मिलेंगे अनेक लाभ

इन द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र की महिमा इतनी निराली है कि इसका पाठ करने वाले व्यक्ति को सभी ग्रह और यमराज भी आशीर्वाद देते हैं। विशेष रूप से धरती पर विराजमान महाकाल के ज्योति स्वरूप इन केंद्रों का सोमवार को जरूर ध्यान करना चाहिए। सावन में इसका महत्व और बढ़ जाता है।

मान्यता है कि द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् भक्त की भव बाधा भी दूर कर देता है। सावन सोमवार को पढ़ें द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् ..


द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् (Dvadash Jyotirlinga Stotram)

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रिशैले मल्लिकार्जुनम्।

उज्जयिन्यां महाकालमोमकारममलेश्वरम्॥

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्।

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारूकावने॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमी तटे।

हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रात: पठेन्नर:।

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥

अन्यथा शरणम् नाऽस्ति, त्वमेव शरणम् मम्।

तस्मात्कारूण भावेन्, रक्ष माम् महेश्वर:॥

ये भी पढ़ें

हरियाली अमावस्या पर ये दान पितरों करता है प्रसन्न, लक्ष्मीजी घर में करती हैं निवास

Also Read
View All

अगली खबर