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Gold Buy Muhurt: दिवाली से पहले अहोई अष्टमी पर गुरु पुष्य योग समेत 6 शुभ संयोग, इस दिन जानें गोल्ड खरीदारी और ट्रेडिंग का मुहूर्त

Gold Buy Muhurt 2024 : 24 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण अष्टमी तिथि यानी अहोई अष्टमी बेहद खास है। इस दिन गुरु पुष्य योग समेत 5 शुभ संयोग बन रहे हैं। मान्यता है गुरु पुष्य नक्षत्र में गोल्ड की शॉपिंग करनी चाहिए। आइये जानते हैं 24 अक्टूबर को सोना खरीदारी और ट्रेडिंग का मुहूर्त क्या है और अहोई अष्टमी व्रत पर कौन से 6 शुभ संयोग बन रहे हैं (gold purchase muhurt on guru pushya nakshatra) ...

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Oct 23, 2024
Gold Buy Muhurat 2024: गुरु पुष्य योग में लक्ष्मी नारायण पूजा विधि और सोना खरीदने का मुहूर्त

Gold Buy Muhurt 2024 : पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार दीपावली पर्व पर नया सामान खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। लेकिन दिवाली से करीब 7 दिन पहले ही 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इनमें सबसे खास गुरु पुष्य योग है। यह गुरु पुष्य नक्षत्र योग खरीदारी, निवेश और नया काम शुरु करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे स्थायी रूप से संपत्ति और समृद्धि बढ़ती है और जीवन में उन्नति के रास्ते खुलते हैं।


डॉ. व्यास के अनुसार गुरु पुष्य योग में गाड़ी, स्वर्ण, चांदी, वस्त्र, बर्तन की खरीदारी शुभ रहेगा। गुरु पुष्य योग में आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगी। इसके अलावा इस दिन माताएं संतान के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और उन्नति के लिए अहोई अष्टमी व्रत रखेंगी। इस व्रत के प्रभाव से बच्चे बुरी नजर से बचते हैं।

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यह व्रत सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है और बिना अन्न जल ग्रहण तारों को जल अर्पित करने के बाद ही यह व्रत खोला जाता है। इसके साथ अहोई अष्टमी पर साध्य योग, पुष्य नक्षत्र, गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग, महालक्ष्मी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं।


अहोई अष्टमी का मुहूर्त (Ahoi Ashtami Muhurt)

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार अहोई अष्टमी 24 अक्टूबर को सुबह 1:18 बजे से 25 अक्टूबर को सुबह 1:58 बजे तक है। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत 24 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस व्रत में माताएं सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखती हैं और अहोई माता की पूजा करती हैं। बाद में तारों को देखकर व्रत का पारण करती हैं।

गुरु पुष्य योग समेत 6 शुभ संयोग

Ahoi Ashtami: इस साल दिवाली (Before diwali) से करीब 7 दिन पहले अहोई अष्टमी पर 6 शुभ संयोग बन रहे हैं। अहोई अष्टमी पर साध्य योग, पुष्य नक्षत्र, गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इन 5 शुभ संयोगों के कारण अहोई अष्टमी का दिन और भी अधिक शुभ फलदायी और महत्वपूर्ण है।

1.साध्य योग: प्रात:काल से लेकर अगले दिन सुबह 05:23 बजे तक

2. गुरु पुष्य योग: पूरे दिन

3. सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन

4. अमृत सिद्धि योग: पूरे दिन

5. पुष्य नक्षत्र: पूर्ण रात्रि तक

6. महालक्ष्मी योग

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गोल्ड शॉपिंग और ट्रेडिंग का मुहूर्त (Gold Shopping Trading Muhurt)

Gold Buy Muhurt 2024: डॉ. व्यास के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को अतिशुभ संयोग माना जाता है। दीपावली से 7 दिन पहले 24 अक्तूबर को गुरुवार के दिन यह नक्षत्र रहेगा। गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। इसी कारण इस संयोग को गुरु पुष्य नक्षत्र योग भी कहते हैं।

इस नक्षत्र पर बृहस्पति, चंद्रमा और शनि का प्रभाव होता है, जो शुभ फल देते हैं, समृद्धि के द्वार खोलते हैं और कार्यों में सफलता देते हैं। इस योग में लक्ष्मी नारायण की पूजा कर खरीदारी और नए काम शुरू करने से सफलता के साथ पारिवारिक खुशहाली भी आती है। खास बात यह है कि इस नक्षत्र में सोने की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। आइये जानते हैं इस दिन सोने की खरीदारी और ट्रेडिंग का मुहूर्त क्या है..


डॉ. व्यास के अनुसार 24 अक्टूबर सुबह 11:38 बजे से 25 अक्टूबर दोपहर 12:35 बजे तक पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा। इसलिए सुबह 11:45 बजे से खरीदारी शुरू कर सकते हैं और अगले दिन भी दोपहर तक खरीदारी करना शुभ रहेगी। हालांकि अगर आप जमीन या किसी भी तरह की अचल संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो, उसके लिए गुरुवार का दिन ही ज्यादा शुभ माना जाएगा।

इसके अलावा इस नक्षत्र में स्वर्ण आभूषण, हीरा, ज्वैलरी, देव प्रतिमा, भूमि-भवन, वाहन, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान समेत हर तरह की खरीदारी या निवेश या नया काम शुभ फलदायक होगा।

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लक्ष्मी-नारायण की पूजा से समृद्धि

Guru Pushya yog Puja Vidhi: भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि गुरु पुष्य योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।

इस दिन माता लक्ष्मी को खीर, दूध से बनी मिठाई और भगवान विष्णु को तुलसी दल, पंचामृत, गुड़ आदि का भोग लगाने का विधान है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होती है।

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