धर्म-कर्म

पितरों की कृपा के बिना नहीं मिल सकते सुख, अमावस्या पर पूजा कर प्राप्त करें उनका आशीर्वाद

Hariyali Amavasya 2026 : हरियाली अमावस्या पर शिवजी की पूजा से मिलता है अक्षय पुण्य और पितरों का आशीर्वाद
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Aug 11, 2026
12 अगस्त को सावन माह की हरियाली अमावस्या
12 अगस्त को सावन माह की हरियाली अमावस्या- image patrika.com

Hariyali Amavasya 12 अगस्त यानि बुधवार को सावन माह की अमावस्या तिथि पड़ रही है। इसे हरियाली अमावस्या कहते हैं। अमावस्या को पितरों की तिथि भी कहा जाता है। इस दिन शिव आराधना से पितर प्रसन्न होते हैं। श्रावण मास शिवजी को समर्पित है, ऐसे में अमावस्या तिथि पर उनकी पूजा पाठ का महत्व बढ़ जाता है। हरि​याली अमावस्या पर स्नान-दान, शिव पूजन और पितृ कर्म करने से अक्षय पुण्य फल मिलता है। पितरों की कृपा के बिना हमें जीवन का कोई सुख नहीं मिल सकता इसलिए अमावस्या पर उनकी प्रसन्नता और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए तर्पण व दान जरूर करना चाहिए।

श्रावण मास में पड़ने वाली अमावस्या यानि हरियाली अमावस्या पर बुधवार को यथासंभव सुबह जल्दी उठें। नित्य क्रियाओं के बाद स्वच्छ जल में गंगा जल या नर्मदा जल मिलाकर मिलाकर स्नान करें। सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद शिव पूजन करें, जलाभिषेक करें। दोपहर में पितरों के निमित्त तर्पण करें और उनके नाम से दान दें। शाम को घर की चौखट पर दीप जलाकर रखें।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि सावन का महीना भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय है। अमावस्या पर पूजन करने से वे प्रसन्न होते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त शिव पूजा का महत्व है। हरियाली अमावस्या पर पीपल की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। पितृदोष से मुक्ति के लिए पीपल के नीचे एक दीपक जलाएं। शनि देव को काले तिल अर्पित करें।

पितरों को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का दिन

अमावस्या को पितरों को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर दोपहर में पितरों के निमित्त तर्पण और दान करने से जीवन के सभी अवरोध समाप्त होते हैं। हरियाली अमावस्या पर पितरों को याद करें, ईश्वर से उनकी सदगति की प्रार्थना करें। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं। उनकी प्रसन्नता और आशीर्वाद से हमें जीवन के सभी सुख प्राप्त होते हैं।

हरियाली अमावस्या के दिन खुदाई नहीं करनी चाहिए। जमीन की खुदाई करना अशुभ माना जाता है। हरियाली अमावस्या पर यदि कहीं सांप दिखाई दें तो उन्हें मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। किसी सर्प मित्र की सहायता से सांप को दूर जंगल में छुड़वा दें। अमावस्या पर पेड़-पौधे भी न काटें, याद रखें यह हरियाली का ही त्योहार है। हरियाली अमावस्या पर लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा आदि तामसिक खाद्य और पेय का सेवन नहीं करें।

ब्रह्मचर्य का पालन करें, पौधे रोपें :

हरियाली अमावस्या के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन करें। इस दिन पौधे जरूर रोपें। यथा संभव फलदार पेड़ों के पौधे रोपें। हरियाली अमावस्या पर पितरों के निमित्त किसी जरूरत मंद को छाता दान करें।

Updated on:
11 Aug 2026 01:50 pm
Published on:
11 Aug 2026 01:11 pm