
Hartalika Teej 2026: महिलाओं का सबसे बड़ा व्रत पर्व हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2026) का पर्व 14 सितंबर को एकसाथ मनाया जाएगा। तिथि भेद अंतर के कारण इस बार यह स्थिति बन रही है। आचार्यों का कहना है कि उदयाकाल में तृतीया तिथि होने से हरतालिका तीज का व्रत पर्व रहेगा, वहीं दोपहर के समय चतुर्थी तिथि विद्यमान होने से इसी दिन गणेश चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा। आचार्यों के मुताबिक वर्ष 2000 के बाद ऐसा चौथी बार संयोग बन रहा है। इसके पहले 2023, 2011 और 2004 में भी ऐसा संयोग बना था।
पं. रामनारायण आचार्य ने बताया कि तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक रहेगी। 14 तारीख को उदया तिथि में तृतीया होने से हरतालिका तीज व्रत इसी दिन मनाया जाएगा। इसी प्रकार भगवान गणेश का जन्म दोपहर में माना गया है, इसी दिन दोपहर के समय चतुर्थी तिथि रहेगी, इसलिए गणेश उत्सव की शुरुआत इसी से होगी। अगले दिन उदया समय में तो चतुर्थी रहेगी, लेकिन दोपहर में पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसके पहले 2023 में भी इस तरह की स्थिति बनी थी। तब कई लोगों ने चतुर्थी तिथि दो दिन 18 और 19 को मानी थी।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
गणपति की मूर्ति की जहां स्थापना हुई है उसके पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें। कलश गणपित के दांई ओर होना चाहिए। इस कलश के नीचे चावल या अक्षत रखें और इसपर मोती अवश्य बांधें। गणपति के बांई तरफ चावल के ऊपर घी का दिया अवश्य जलाएं। पूजा और माला जपने का समय एक रखेंगे तो मनचाहा लाभ होगा। इसके बाद भगवान की आरती करें।
ब्रह्मशक्ति ज्योतिष संस्थान के पं. जगदीश शर्मा ने बताया कि इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एकसाथ रहेगी। साथ ही कई शुभ संयोग इस दिन रहेंगे, जो इसे और अधिक शुभता प्रदान करेंगे। इस बार यह दोनों पर्व सोमवार के दिन रहेंगे। यह दिन भगवान भोलेनाथ का प्रिय दिन होता है। साथ ही हरतालिका व्रत में शिव, पार्वती की आराधना की जाती है। चित्रा नक्षत्र का संयोग रहेगा। इस लिहाज से यह दिन अत्यंत शुभकारी होगा।
18 सितंबर 2023
1 सितंबर 2011
17 सितंबर 2004