ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार 9 ग्रहों के अशुभ और शुभ प्रभाव पर ही हमारा जीवन निर्भर करता है।
हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से घिरा रहता है। इन परेशानियों की कई वजहें हो सकती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 9 ग्रहों के अशुभ और शुभ प्रभाव पर ही हमारा जीवन निर्भर करता है। मनुष्य के जन्म के समय और स्थिति के अनुसार बनाई जाने वाली जन्म कुंडली में 12 भाव होते हैं जिनमें नौ ग्रह विचरण करते हैं।
यही कारण है कि सभी परेशानियों की वजह कहीं न कहीं ग्रहों से भी जुड़ी होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के बिगड़ने का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि ग्रह बिगड़ने की स्थिति में कौन सा उपाय करना चाहिए। आइये जानते हैं...
चन्द्रमा: अगर आपकी कुंडली चन्द्रमा की दशा बुरी है तो हर दिन भगवान शिव को जल अर्पित करें और नम: शिवाय मंत्र का जप करें। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सोमवार का दिन भगवान शिव का दिन है। ऐसे में सोमवार के दिन सफेद वस्तु का दान करें। ऐसा करने से चन्द्रमा मजबूत होगा और आपके ऊपर भगवान शिव की कृपा बनी रहेगी।
बुध: अगर आपकी कुंडली में बुध की दशा बुरी है तो नियमित रूप से मां दुर्गा की उपासना करें और हर रोज शाम में दुर्गा मंत्र का जप करें व हरे फल का दान करें।
बृहस्पति: अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति की दशा बुरी है तो नियमित रूप से भगवान विष्णु की उपासना करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें व केले का दान करें। बृहस्पतिवार को सात्विक रहने का प्रयास करें।
शुक्र: अगर आपकी कुंडली में शुक्र की दशा बुरी है तो हर दिन मां लक्ष्मी की उपासना करें और शुक्र मंत्र का जप करें। ऐसा करने से शुक्र मजबूत होगा और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।