असल में, ये कथा खुद हमारे भीतर झांकने का मौका देती है। जब इंसान अहंकार, लालच, घमंड या दुनियादारी में डूब जाता है, उसकी मुश्किलें बढ़ने लगती हैं। लेकिन जैसे ही वो सच्चे दिल और विनम्रता के साथ भगवान के सामने झुकता है, फिर से जीवन में खुशियां लौट आती हैं।