
Nirjala Ekadashi Remedies: निर्जला एकादशी 2026: इन चीजों का दान दिला सकता है सुख-समृद्धि, जानिए क्या न करें (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Nirjala Ekadashi 2026 Daan: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी सबसे कठिन और पुण्य देने वाले व्रतों में मानी जाती है। ज्येष्ठ महीने की झुलसाती गर्मी में बिना पानी पिए भगवान विष्णु की पूजा करना ये भक्तों की आस्था और तप का असली इम्तिहान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दिल से किया गया दान जीवन में खुशी, शांति और बरकत लाता है। इस दिन जरूरतमंदों को गर्मी से राहत देने वाली चीजें दान करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
धार्मिक ग्रंथ बताते हैं, इस दिन वही चीजें दान करें, जो गर्मी में दूसरे के काम आएं। इसीलिए मिट्टी के घड़े, छाते, चप्पल और सत्तू का खास महत्व है।
मिट्टी का घड़ा ठंडक और जीवन का प्रतीक है। कहते हैं, किसी प्यासे को पानी पिलाओ, तो भगवान विष्णु की खास कृपा मिलती है। गांवों-गलियों में आज भी प्याऊ लगती है यही भाव नारायण तक पहुंचती है।
जबरदस्त धूप में किसी को छाता या चप्पल देना, इससे बड़ी सेवा क्या होगी? धर्म समझने वालों के मुताबिक, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे दान से राहु-शनि की तकलीफें भी घटती हैं।
गर्मियों में सत्तू जैसा कुछ नहीं शरीर को ठंडक और पेट को राहत। अब तो बिहार, ईस्ट यूपी और राजस्थान में निर्जला एकादशी पर सत्तू बांटने की अच्छी-खासी परंपरा चल निकली है।
सिर्फ जल नहीं इन चीजों का दान भी खूब फल देता है
पंडितों का कहना है, दान अपनी क्षमता और सच्ची श्रद्धा से करो। सिर्फ दिखावा करने से पुण्य नहीं मिलता।
कुछ चीजें इस दिन देने से उल्टा असर पड़ता है। जानकार सलाह देते हैं, इनसे बचना चाहिए
आखिर धर्म की बात इतनी सी है दान करो, तो मन साफ होना चाहिए। बिना सच्चे सेवा-भाव के, कितना भी बड़ा दान हो वो निष्फल रह जाता है।
ज्योतिषियों का मानना है, निर्जला एकादशी पर जलदान से कुंडली में सूर्य और गुरु मजबूत होते हैं। गरीबों को अन्न देने से आर्थिक परेशानियां घटती हैं। इस दिन लोग भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी करते हैं, ताकि घर में सुख-समृद्धि टिकी रहे।
पिछले कुछ सालों में सामाजिक संगठनों ने निर्जला एकादशी पर बड़े स्तर पर जल सेवा शुरू की है। कई शहरों में मुफ्त शरबत, भोजन और पानी की प्याऊ लगती हैं। अब तो सोशल मीडिया पर भी “एक दिन सेवा के नाम” जैसी मुहिम के जरिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं।
यानी धार्मिकता के साथ अब निर्जला एकादशी, समाज सेवा और सहयोग का भी बड़ा उत्सव बनती जा रही है।
Published on:
10 Jun 2026 10:42 am
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