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भगवान शिव के क्रोध से जन्मी थी ये अद्भुत शक्ति, इनकी पूजा से मिलती हैं सुख-संपदा

भगवान शिव के क्रोध से जन्मी थी ये अद्भुत शक्ति, इनकी पूजा से मिलती हैं सुख-संपदा
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Jan 26, 2019
kalashtami
भगवान शिव के क्रोध से जन्मी थी ये अद्भुत शक्ति, इनकी पूजा से मिलती हैं सुख-संपदा

कहा जाता हैं कि एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु के विवाद के कारण शिव शंकर भोलेनाथ भगवान महादेव के अत्यधिक क्रोधित हो गये थे और उनके क्रोध से एक अद्भुत शक्ति का जन्म हुआ जिसे कालभैरव कहा गया । जिस कालभैरव उत्पन्न हुये उस दिन कालाष्टमी तिथि थी । शास्त्रों के अनुसार इस दिन पूरे श्रृद्धाभाव से पूजन और व्रत करने से इंसान के जीवन में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है । जनवरी 2019 में कालाष्टमी 27 जनवरी रविवार के दिन है ।

प्रत्येक माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है, इस दिन शिव जी के अंश कालभैरव की पूजा की जाती है जो भगवान शंकर के अंश अवतार माने जाते है । इस कालाष्टमी को भैरवाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है । इस दिन विशेष रूप से आद्यशक्ति मां दुर्गा की पूजा और व्रत करने का भी विधान हैं । खासकर इस दिन कालभैरव की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में हमेशा सुख, शांति व समृद्धि बनी रहती हैं ।

कालाष्टमी के दिन ऐसे करें पूजा एवं व्रत
नारद पुराण में कहा गया है कि कालाष्टमी के दिन कालभैरव और मां दुर्गा की पूजा करने वाले के जीवन के सभी कष्ट दूर होकर हर मनोकामना पूरी हो जाती हैं । अगर इस रात को देवी महाकाली की विधिवत पूजा व मंत्रो का जप अर्ध रात्रि में करना चाहिए । पूजा करने से पूर्व रात को माता पार्वती और भगवान शिव की कथा पढ़ना या सुनना चाहिए । इस दिन व्रती को फलाहार ही करना चाहिए एवं कालभैरव की सवारी कुत्ते को कहा जात है इसलिए इस दिन कुत्ते को भोजन जरूर करना चाहिए ।

इस मंत्र का जप करना चाहिए-
शिव पुराण में दिये इस मंत्र का जप करने से हर मनोकामना हो जाती हैं पूरी
।। ऊँ अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम् ।
भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि ।।

Updated on:
26 Jan 2019 12:53 pm
Published on:
26 Jan 2019 12:53 pm