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Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को करवा चौथ, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत की विधि

Karwa Chauth Puja Muhurat: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा की स्थिति के बीच जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय और व्रत की विधि।
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Oct 22, 2026
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Karwa Chauth Puja Muhurat: ज्योतिषाचार्य से जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत की विधि (फोटो सोर्स- Magnific)

Karwa Chauth Puja Muhurat: पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास, समर्पण का प्रतीक पर्व करवाचौथ (Karwa Chauth 2026) गुरुवार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा की स्थिति को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चंद्रमा मन, शीतलता और भावनाओं का प्रतीक है, जबकि रोहिणी नक्षत्र को सौंदर्य, आकर्षण और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में चंद्रदर्शन और चंद्रदेव की पूजा इस पर्व का सबसे भावपूर्ण क्षण होगा।

चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर करेंगी जलग्रहण

करवा चौथ पर महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में प्रेम बनाए रखने की कामना करती हैं। शाम को महिलाएं चंद्रदेव को अर्घ्य देती हैं और पति के दर्शन कर उनके हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं।

पूजा के लिए यह शुभ समय (Karwa Chauth Chandrodaya Time)

करवा चौथ पर पूजा का शुभ समय शाम 5.38 बजे से 6.55 बजे तक रहेगा। चंद्रोदय दिल्ली के समय अनुसार रात रात 8.17 बजे तक हो सकते हैं। चंद्रोदय का वास्तविक समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

मिट्टी का करवा मंगल और समृद्धि का प्रतीक (Karwa Chauth Puja Samagri)

इस पर्व में मिट्टी से बने करवे का विशेष महत्व है। करवे में जल भरकर पूजा की जाती है और चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए भी जल का उपयोग होता है। मिट्टी का करवा मंगलभाव, सादगी, जीवनदायिनी प्रकृति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कई परिवारों में करवे का आदान-प्रदान करने की परंपरा भी प्रचलित है।

करवा चौथ का महत्व

यह व्रत पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास, समर्पण और पारिवारिक सुख का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव से अपने वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करती हैं।

व्रत की विधि (Karwa Chauth Puja Vidhi)

  • सूर्योदय से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • सास द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करें।
  • माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी का स्मरण कर व्रत का संकल्प लें।
  • दिन भर निर्जला या फलाहार व्रत रखें।
  • शाम को पूजा स्थल पर माता पार्वती, शिव, गणेश की पूजा करें।
  • करवा चौथ की व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  • दीपक जलाकर सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।
  • चंद्रमा निकलने पर छलनी से दर्शन करें।
  • चंद्रदेव को जल से अर्घ्य दें।
  • पति के दर्शन करके व्रत खोलें
Updated on:
22 Oct 2026 10:12 am
Published on:
22 Oct 2026 10:12 am