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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि राशि अनुसार पूजा का यह है नियम, मिलता है अधिक पुण्य फल

Maha Shivratri 2025 Puja: महाशिवरात्रि पूजा भगवान शिव को सबसे प्रिय होती है। महाशिवरात्रि पूजा राशि के अनुसार करें तो उसका विशेष फल मिलता है तो आइये जानते हैं राशि अनुसार महाशिवरात्रि पूजा उपाय (Mahashivratri Puja Upay Rashi Anusar) ...
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Feb 23, 2024
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महाशिवरात्रि पर संपूर्ण लाभ के लिए राशि अनुसार पूजा

Maha Shivratri Mhatv वर्षभर में आने वाली 12 शिवरात्रियों में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से युक्त यह शिवरात्रि महाशिवरात्रि की श्रेणी में आती है। इस दिन भगवान शिव की विशेष रूप से पूजन करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य अमर डब्बावाले के अनुसार पूजन परंपरा में षोडशोपचार या पंचोपचार पूजन पंचाम्रताभिषेक अष्टाध्यायी रद्र, लघु रुद्र, महारुद्र आदि के माध्यम से भगवान शिव को इस दिन प्रसन्न किया जा सकता है, वहीं अलग-अलग प्रकार से संकल्प युक्त होकर विशेष पूजन करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।


पंचांग की गणना के अनुसार देखें तो नक्षत्र का अपना विशेष प्रभाव होता है, जब किसी विशेष नक्षत्र में कोई विशेष त्यौहार आता है, तो उसका फल भी उतना ही प्राप्त होता है। क्योंकि इस बार महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र है और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की भी स्थिति मध्य रात्रि में रहेगी। यह पंचक का नक्षत्र है, ऐसी मान्यता है कि पूर्वाभाद्र से लेकर के रेवती नक्षत्र के मध्य यदि कोई विशेष त्यौहार आता है तो ऐसी स्थिति में त्यौहार का अधिष्ठात्र देवता की विशेष आराधना 5 गुना शुभ फल प्रदान करती है। इस दृष्टि को वैदिक रूप से मान्यता मिलती है, इस कारण इस दौरान विशेष पूजन करनी चाहिए जिसका फल 5 गुणा प्राप्त हो सके। इस कारण 8 मार्च की महाशिवरात्रि बेहद खास हो गई है।


मेष: रक्त चंदन का त्रिपुंड लगाएं, लाल कनेर का पुष्प चढ़ाकर शिवाष्टक का पाठ करें।
वृषभ: सफेद चंदन का त्रिपुंड लगाकर सफेद सुगंधित पुष्प चढ़ाएं, रुद्राष्टक का पाठ करें।

मिथुन: भस्म का त्रिपुण्ड लगाकर सफेद आंकड़े के सात पुष्प चढ़ाएं, शिव स्तोत्र का पाठ करें।
कर्क: सफेद चंदन का त्रिपुण्ड लगाएं, शिव सहस्त्र नामावली पाठ करें।

सिंह: पीले चंदन का त्रिपुण्ड लगाएं, शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या: अबीर का त्रिपुण्ड लगाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।

तुला: सफेद चंदन का त्रिपुंण्ड लगाएं, सुगंधित सफेद पुष्प चढ़ाएं, अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करें।
वृश्चिक: लाल चंदन का त्रिपुंण्ड लगाएं, लाल कनेर के सात पुष्प चढ़ाएं, शिवाष्टक का पाठ करें।

धनु: पीले चंदन का त्रिपुण्ड लगाएं, पीले पुष्प चढ़ाएं, महामृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करें।
मकर और कुंभ राशि वालों के लिएः भस्म का त्रिपुंड लगाएं, अपराजिता के फूल चढ़ाएं, महामृत्युंजय कवच का पाठ करें।
मीन: पीले चंदन का त्रिपुंड लगाएं, पीले पुष्प चढ़ाएं, 12 अमोघ शिव कवच का पाठ करें।