धर्म-कर्म

Paush Mass Niyam 2025: पौष मास में क्या करें क्या नहीं, यहां जानिए इसके नियम

Paush Mass Niyam 2025: जल्द ही पौष मास की शुरुआत होने वाली है। इस महीने में सूर्यदेव की पूजा का खास विधान है। शास्त्रों में पौष महीने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।
2 min read
Dec 01, 2025
Paush Mass Niyam 2025
AI

Paush Mass Niyam 2025: जल्द ही पौष मास की शुरुआत होने वाली है। इस महीने में सूर्यदेव की पूजा का खास विधान है। शास्त्रों में पौष महीने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि पौष मास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। यहां जानिए सारे नियम

Paush Mass Niyam 2025: इस साल पौष मास की शुरुआत शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 से होने वाली है, वहीं इस मास का समापन जनवरी 2026 को होगा। पौष मास में सूर्यदेव धनु राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस महीने सूर्य देव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस मास में जप, तप, उपवास करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। पौष के मास में पूजा पाठ और दान पुण्य करने को भी बहुत ही शुभ माना गया है। इस मास में बहुत ही अधिक ठंड पड़ती है, इसलिए इस महीने में गर्म कपड़े का दान जरूर करना चाहिए। शास्त्र में इस महीने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन पौष के महीने में करने से घर में बरकत आती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पौष के मास में किन नियमों का पालन करना चाहिए।

पौष मास में क्या करें

  • पौष के महीने में सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र में सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
  • इस महीने में सूर्यदेव को जल अर्पित करते समय ॐ घृणिः सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें।
  • पौष मास में जप, तप और ध्यान जरूर करना चाहिए।
  • इस मास में गर्म वस्त्र और कंबल का दान करना शुभ माना गया है।
  • पौष मास में रविवार का व्रत करना बहुत शुभ माना गया है।
  • इस महीने में पितरों का तर्पण करना भी उत्तम माना गया है।

पौष महीने में क्या ना करें

  • पौष मास में विवाह, जनेऊ, मुंडन संस्कार जैसे शुभ काम करना वर्जित माना गया है।
  • इस मास में मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिएए।
  • इस मास में अधिक नमक का सेवन करना भी हानिकारक बताया गया है।
  • पौष मास में मूली, बैंगन, उड़द और मसूर की दाल और तली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

पौष मास महत्व


पौष का महीना भगवान सूर्यदेव की पूजा के लिए समर्पित माना गया है। इस मास में भगवान सूर्य की पूजा के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी अधिक महत्व है। ये पास पितरों की पूजा के लिए उत्तम माना गया है। इस महीने में दान पुण्य करने से साधक को सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है। इस महीने हर रोज सूर्य देव को जल अर्पित करने से जातक को निरोग काया की प्राप्ति होती है और करियर में तरक्की मिलती है। इसके साथ ही लंबी आयु का वरदान मिलता है।

Updated on:
01 Dec 2025 07:52 am
Published on:
01 Dec 2025 07:52 am