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Raksha Bandhan 2026: किस राशि के भाई को किस रंग की राखी बांधें? जाने 12 राशियों के शुभ रंग

Raksha Bandhan Lucky Rakhi Colours: रक्षाबंधन पर भाई की राशि के अनुसार राखी का रंग चुनना ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ माना जाता है। जानें मेष से मीन तक किस राशि के लिए कौन सी राखी उपयुक्त है।
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Aug 25, 2026
raksha bandhan 2026 lucky rakhi colour according to zodiac sign
Rakhi color according to zodiac sign: रक्षाबंधन पर भाई की राशि अनुसार बांधे किस रंग की राखी? जानें (फोटो सोर्स- Grok)

Rakhi Colour According to Zodiac Sign: भाई बहन के अटूट प्रेम और रक्षा के संकल्प का पर्व रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा। भद्रा 27 अगस्त की रात में ही समाप्त हो जाएगी। 28 अगस्त को उदयातिथि में पूर्णिमा होने के कारण बहने सुबह से राखी बांध सकेंगी। इसी दिन सावन माह का भी समापन होगा। इस बार बहनों को न तो भद्रा समाप्त होने का इंतजार करना होगा और न ही चंद्रग्रहण के सूतक को लेकर चिंता करनी होगी।

12 साल बाद बन रहा ऐसा संयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित भोला भार्गव रेंझाई वालों के अनुसार इस रक्षाबंधन का संयोग विशेष माना जा रहा है। करीब 12 साल बाद देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे। वहीं सूर्य अपनी स्व राशि सिंह में रहेंगे और बुध के साथ बुद्धादित्य योग बनाएगा। शुभमाना गया है। रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजार भी सजने लगे है। दुकानों पर रंग बिरंगी, बच्चों की पसंद वाली कार्टून और डिजाइनर राखियां पहुंच गई है। बहने राखियों की खरीदारी के साथ भाई के लिए उपहार भी पसंद कर रही है। बाजार में त्योहार को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है।

नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण, न रहेगा कोई असर

ज्योतिषाचार्य शास्त्री के अनुसार चंद्रग्रहण तभी वित्वखाई देता है, जब ग्रहण के समय चंद्रमा संबंधित स्थान के क्षितिज के ऊपर हो। 28 अगस्त को ग्रहण के प्रमुख चरणों के दौरान भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इसलिए चंदग्रहण की खगोलीय घटना होने के बावजूद इसे भारत से देखा नहीं जा सकेगा। भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8.04 से 11.22 बजे तक आंशिक चंद्रग्रहण रहेगा।

हालांकि, उस समय भारत में चंद्रमा अस्त हो चुका होगा, इसलिए यहां ग्रहण दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का सूतक भारत में प्रभावी नहीं माना जाएगा। इस वर्ष मई जून में अधिकमास होने के कारण पर्वों की तिथियों में बदलाव आया है। इसी वजह से रक्षाबंधन सामान्य वर्षों की तुलना में आगे बढ़‌कर 28 अगस्त को मनाया जा रहा है।

शुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग

रक्षाबंधन पर इस बार बुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित भार्गव के अनुसार शुक्रवार को सुख, सौहार्द और प्रेम का कारक माना जाता है। वहीं पूर्णिमा तिथि पूर्णता और शांति का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के दिन रक्षा सूत्र बांधने से भाई बहन के रिश्ते में स्नेह और आत्मीयता बढ़ती है। वहीं रक्षाबंधन पर सनातन धर्मावलंबी अपने इष्टदेव और कुलवेक्ता को भी रक्षा अनुसार इस सूत्र अर्पित करेंगे। भगवान महादेव, गणेशजी, बजरंगबली, श्रीराम और श्रीकृष्ण को चंदन लगाकर मंत्रोच्यार के साथ राखी बांधी जाएगी।

राशि के अनुसार बांधे राखी ( Lucky Rakhi Colours)

मेषः लाल, केसरिया, पीले रंग की राखी।

वृषः नीले रंग या चांदी की राखी।

मिथुनः हरे रंग की राखी।

कर्कः सफेद धागा या मोती वालीराखी।

सिंहः गुलाबी, लाल/केसरिया रंग की राखी।

कन्याः सफेद या हरे रंग की राखी।

तुलाः फिरोजी/जामुनी रंग की राखी।

वृश्चिकः लाल रंग की राखी।

धनुः पीले रंग की राखी।

मकरः गहरे लाल रंग की राखी।

कुंभः रुद्राक्ष से निर्मित राखी।

मीनः पीले या सफेद रंग की राखी।

Updated on:
25 Aug 2026 04:41 pm
Published on:
25 Aug 2026 04:41 pm