
vishnu sahasranama stotra : किसी का भी जीवन कभी भी सहज नहीं रहा है। हर समय कोई न कोई समस्या या परेशानी आती रहती है। वैसे तो हर युग में लोग दुख-दर्द से बेहाल होते रहे हैं लेकिन वर्तमान माहौल में जिंदगी बेहद कष्टमय हो गई है। हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रस्त होकर दुखी रहता है। हालांकि जहां समस्या है वहां समाधान भी है। सनातन धर्म में लोगों के दुख दर्द कम करने के लिए ईश आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिष ग्रंथों में इसके लिए विष्णुजी की विधिविधान से पूजा करने की बात कही गई है। विशेषकर गुरुवार और एकादशी पर विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करने से सुख प्राप्त होने लगते हैं।
एकादशी तिथि विष्णुजी का प्रिय दिन है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार इस दिन व्रत रखकर निष्ठापूर्वक पूजा पाठ करनेवालों को विष्णुजी सभी प्रकार के सुख देते हैं। एकादशी पर सूर्य पूजन से पुत्र लाभ या संतान सुख भी मिलता है। इस दिन जो भी व्यक्ति श्रद्धा और निष्ठा के साथ विष्णुजी की पूजा करता है उसके जीवन के सारे दुख दर्द भी दूर हो जाते हैं और संसार के सभी सुख मिलते हैं।
भगवान विष्णु को सभी भौतिक सुखों का कारक माना गया है। उनकी कृपा के बिना दुनिया का कोई भी सुख प्राप्त नहीं हो सकता। इसका अर्थ यह भी है कि हर प्रकार के दुख दूर करने के लिए भी उनकी प्रसन्नता जरूरी है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद सभी कष्टों से मुक्ति दिला सकता है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा पूरे विधि विधान से करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पंडित नागर गुरुजी बताते हैं कि विष्णुजी की प्रसन्नता के लिए विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ सबसे लाभकारी माना गया है। यदि कोई व्यक्ति लगातार मिल रही असफलताओं से विचलित हो गया हो, शत्रु हावी हो रहे हों, एक के बाद एक कई नई समस्याएं सामने आ रही हों तो उसे पूरी श्रदृधा से विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। गुरूवार और एकादशी तिथि के दिन विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ जरूर करें। इससे धीरे-धीरे आपके दुखदर्द कम होने लगेंगे।
गुरुवार और एकादशी के दिन सुबह पानी में गंगाजल डालकर नहाएं। स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें। सूर्य पूजन के बाद शुद्ध व साफ कपड़ा पहनकर भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा करें। भगवान् विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं, इसके बाद धूप. दीप से आरती करें और मिष्ठान्न व फलों का भोग लगाएं।
विधिपूर्वक विष्णुजी की पूजा करें और फिर श्रद्धापूर्वक विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ भी करें। करीब 20 मिनट का यह पाठ विष्णुजी की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा माना गया है। संभव हो तो विष्णुसहस्त्रनाम का रोज पाठ करें। कुछ ही दिनों में आपका जीवन बदल जाएगा।