धर्म-कर्म

केवल इस काम से मिल जायेगी ये दुर्लभ चीज, फिर कोई ताकत नहीं रोक पायेगी सफलता पाने से

केवल इतना सा काम करने से नौजवानों को मिल जायेगी ये दुर्लभ चीज, फिर दुनियां की कोई ताकत नहीं रोक पायेगी सफलता पाने से

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Mar 13, 2019
safalta ke achuk sutra
केवल इस काम से मिल जायेगी ये दुर्लभ चीज, फिर कोई ताकत नहीं रोक पायेगी सफलता पाने से

नौजवान यानी की युवा शक्ति, और हर युवाओं का एक सपना जरूर होता हैं कि वह अपने जीवन में सबसे सफल व्यक्ति और धनवान बन जायें । समाज में उसी पुछ परख हो, लोग उसकी बात माने । लेकिन यह तब ही संभव है जब नौजवान अपने बारे में हर रोज कुछ ऐसा सोचे और करें की वह जैसा चाहे वैसा बन सके, अपनी मंजिल पर निर्विरोध पहुंच सके । नीचे कुछ ऐसे सूत्र बताये गये है जिनको अपनाकर कोई भी जीवन की सबसे दुर्लभ चीज यानी की सफलता के साथ सबसे प्रेम का पात्र ।

1- प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें, चाहे समय ना हो तो घर मे ही टहले , टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें ।
2- प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट मौन रहकर शांत बैठें ।
3- सप्ताह में तीन 4 दिन नौजवान- 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें ।
4- प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया, और प्रतिदिन दूसरों का कुछ भला करें ।
5- आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें । गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करने से बचे ।


6- अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने मित्र या जीवनसाथी को याद न दिलायें ।
7- हर रोज एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं, जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं ।
8- एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें ।
9- दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें,नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है ।
10- स्वयं की अपने जीवन की तुलना दूसरों से कभी भी न करें ।


11- गलती के लिये गलती करने वाले को माफ करना सीखें.
12 अपने मन में ख्याल कभी न लाये कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं ।
13- समय ! सब घाव भर देता है ।
14- ईर्ष्या करना समय की बर्बादी है, जरूरत का सब कुछ आपके पास ईश्वर ने दे रखा है ।
15- जब आप सुबह जागें तो अपने माता-पिता को धन्यवाद दें, क्योंकि माता-पिता की कुशल परवरिश के कारण आप इस दुनियां में हैं ।

Published on:
13 Mar 2019 12:13 pm