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Shani Amavasya 2025 Upay: साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत दिलाएंगी शनि चालीसा की 5 चौपाइयां

Shani Amavasya 2025 Upay: 23 अगस्त 2025 को पड़ रही शनि अमावस्या पर शनि देव की पूजा और शनि चालीसा की 5 चौपाई पढ़ने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं। जानें कौन-सी चौपाइयां पढ़नी चाहिए और क्या मिलेगा लाभ।

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Aug 23, 2025
Shani Amavasya 2025 Upay (photo- grok ai)

Shani Amavasya 2025 Upay: इस बार शनि अमावस्या 23 अगस्त 2025 यानी आज है। यह दिन भाद्रपद अमावस्या का है और शनि देव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान करके शनि देव की पूजा करने और उनसे जुड़े दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और दुख-दर्द दूर करते हैं।

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क्यों खास है शनि अमावस्या?

जिन लोगों की कुंडली में शनि महादशा, साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रहा है, उनके लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। शनि अमावस्या पर शनि चालीसा पढ़ना बेहद शुभ माना गया है। यदि समय की कमी हो तो पूरी शनि चालीसा पढ़ने के बजाय सिर्फ 5 चौपाइयां पढ़ना भी पर्याप्त होता है।

शनि चालीसा की 5 चौपाइयों का महत्व

  1. संकटों से मुक्ति की प्रार्थना

"जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।
करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।।"

इस चौपाई में भक्त, सूर्य पुत्र शनिदेव से प्रार्थना करते हैं कि वे अपने भक्तों पर कृपा करें और उनके संकट दूर करें।

  1. अटके काम होंगे पूरे

"सौरि मन्द शनी दश नामा। भानु पुत्रा पूजहिं सब कामा।।
जापर प्रभु प्रसन्न हों जाहीं। रंकहु राउ करें क्षण माहीं।।"

अगर कोई काम बार-बार रुक रहा हो, तो इस चौपाई का पाठ करने से कार्य सिद्ध होता है। शनिदेव की कृपा से गरीब भी राजा बन सकता है।

  1. सुख-समृद्धि और सम्मान में वृद्धि

"गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं। हय ते सुख सम्पत्ति उपजावैं।।
गर्दभहानि करै बहु काजा। सिंह सिद्धकर राज समाजा।।"

इस चौपाई का पाठ धन-संपत्ति पाने और समाज में मान-सम्मान बढ़ाने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि शनि देव के विभिन्न वाहन व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग सुख और सफलता लाते हैं।

  1. शत्रु और कष्टों से रक्षा

"जो यह शनि चरित्रा नित गावै। कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै।।
अद्भुत नाथ दिखावैं लीला। करैं शत्राु के नशि बल ढीला।।"

जो व्यक्ति शनि देव की महिमा गाता है, उस पर विपरीत परिस्थितियों का ज्यादा असर नहीं होता। शनि देव उसके शत्रुओं की शक्ति भी कम कर देते हैं।

  1. पीपल पूजन और दीपदान का महत्व

"पीपल जल शनि-दिवस चढ़ावत। दीप दान दै बहु सुख पावत।।
कहत राम सुन्दर प्रभु दासा। शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा।।"

शनिवार को पीपल पर जल अर्पित करने और दीप जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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Published on:
23 Aug 2025 05:25 pm
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