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सोमवार को शिवलिंग पर कैसे चढ़ाएं दूध, पढ़ें मंत्र और सावन में क्या होता है फल

shivling par doodh kaise chadhaye: सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है। इस महीने में शिवजी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं। विशेष रूप से जब भक्त शिवजी का अभिषेक करते हैं। यहां जानिए शिवलिंग पर कैसे दूध चढ़ाएं, शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का मंत्र क्या है और सावन में क्या फल होता है।
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Jul 29, 2024
shivling par doodh kaise chadhaye
सोमवार को शिवलिंग पर कैसे चढ़ाएं दूध, सावन में क्या होता है फल

शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का फल

वैसे तो भगवान शिव की विधिवत पूजा करनी चाहिए, मगर वैसा नहीं कर पा रहे हैं तो सिर्फ जलाभिषेक या दुग्धाभिषेक से भी महादेव भक्त की भावना को स्वीकार कर लेते हैं। भगवान शिव को शीतल वस्तुएं प्रिय हैं, कच्चा दूध भी शीतलता प्रदान करता है। इसके अलावा दूध का संबंध चंद्रमा से है, चंद्रमा शिवजी के मस्तक पर विराजमान होते हैं। इस कारण शिवजी को दूध अर्पित करने से चंद्रदोष दूर होता है।


साथ ही मान्यता है कि आचरण सही रखकर शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा सोमवार को शिवजी की पूजा अर्चना के बाद दूध का दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है। साथ ही सोमवार को जल में थोड़ा सा दूध डालकर स्नान करने मानसिक तनाव दूर होता है और चिंता कम होती है।

शिवलिंग पर दूध कैसे चढ़ाएं

भगवान शिव की पूजा में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। विशेष रूप से भगवान शिव को दूध अर्पित करते समय खयाल रखना चाहिए कि वो व्यर्थ न हो और बेहतर है दूध को पात्र समेत ही अर्पित कर दें ताकि कोई और इसका प्रयोग कर सके। साथ ही दूध चढ़ाते समय इसका ध्यान रखना चाहिए …

  1. शिवलिंग पर दूध चढ़ाने के लिए चांदी के बर्तन का प्रयोग करना चाहिए और चांदी का लोटा वगैरह न मिलें तो मिट्टी के कलश से महादेवक जल चढ़ाना चाहिए। वहीं जलाभिषेक के लिए सोने, चांदी, पीतल या तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। हालांकि स्टील, एल्युमिनियम या लोहे के लोटे के उपयोग से दूर रहना बचना चाहिए। क्योंकि ये धातुएं पूजा पाठ में शुभ नहीं मानी जातीं।
  2. इसके बाद दूध या जल को लोटे में भरें और पतली धारा शिवलिंग पर अर्पित करते रहें। इस समय ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करते रहना चाहिए। इस समय नीचे लिखे इन विशेष मंत्रों का भी जाप कर सकते हैं।

दूध चढ़ाने के लिए विशेष शिव मंत्र

नमः शंभवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिर्ब्रम्हणोधपतिर्ब्रम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
तत्पुरषाय विद्म्हे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।।

अरब सागर के किनारे कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में मुरूदेश्वरा मंदिर, यह दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची शिव मूर्ति है।

सोमवार को शिव पूजा की सरल विधि

  1. सबसे पहले गणेश पूजा करें।
  2. गणेश पूजा के बाद शिवलिंग पर तांबे, चांदी या सोने के लोटे से जल चढ़ाएं या चांदी के लोटे या मिट्टी के कलश से दूध चढ़ाएं।
  3. जल या दूध चढ़ाते समय शिव जी के मंत्रों का जप करें। इस दिन पंचामृत यानी दूध, दही घी शक्कर शहद की व्यवस्था हो सके तो शिवलिंग पर जरूर चढ़ाना चाहिए।
  4. अभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल आदि अर्पित करें, मिठाई का भोग लगाएं।
  5. धूप-दीप जलाकर आरती करें। भगवान के मंत्रों जैसे शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।

यह उपाय दूर करेगा दरिद्रता

सोमवार रात को एक साफ पात्र में दूध ले लें। इसमें एक चांदी का सिक्का और थोड़ा सा शहद डालें और इस पात्र को चंद्रमा की रोशनी में रखें। अब इसके सामने बैठकर शिवजी के मंत्र ॐ दारिद्र्य दुःख दहनाय नमः शिवाय का जाप करें। मंत्र जप के बाद इस दूध को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। इससे आर्थिक तंगी और दरिद्रता दूर होगी।