धर्म-कर्म

इस दिन ऐसा काम करने से मन में उठने वाली हर इच्छा को पूरी होने से कोई नहीं रोक सकता

इस दिन ऐसा काम करने से मन में उठने वाली हर इच्छा को पूरी होने से कोई नहीं रोक सकता
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Mar 11, 2019
yagya ke fayde
इस दिन ऐसा काम करने से मन में उठने वाली हर इच्छा को पूरी होने से कोई नहीं रोक सकता

व्यक्ति अपनी समस्याओं के निवारण के अनेक प्रकार के प्रयास औऱ उपाय करते रहता है, किसी को सफलता मिलती तो कोई खाली ही रह जाता हैं । अगर आप अपने मन में उठने वाली हर कामनापूर्ति की इच्छाओं को पूरी करना चाहते हो तो इस काम सप्ताह में एक दिन या फिर पूर्णिमा या अमावस्या तिथि को अपने घर में जरूर करते रहे, आजीवन किसी चीज का अभाव नही रहेगा ।

हिन्दू धर्म में की जाने वाली पूजा अर्चना में हवन यज्ञ को अनिवार्य माना गया है । हवन जिससे आमतौर पर यज्ञ के नाम से भी जानते है, को शास्त्रों में घर परिवार और वातावरण की शुद्धिकरण करने के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण कर्मकांड है । हवन के दौरान कुंड में अग्नि के माध्यम से देवताओं को अपनी इच्छा और कामना बताई जाती है । मान्यता है की अगर घर में या आपके आस पास किसी तरह की नेगेटिव एनर्जी या बुरी आत्मा का साया होता है तो यज्ञ प्रभाव से दूर हो जाता है । घर की सुख शांति, स्वास्थ्य व समृद्धि की कामना के लिए हवन करना हिन्दू धर्म में प्रमुख कर्म माना जाता हैं ।

यज्ञ से मिलते है ये लाभ..

1- यज्ञ में अधिकतर आम की लकड़ियों का ही प्रयोग किया जाता हैं, जिससे वातावरण में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणु खत्म हो जाते हैं ।

2- यदि आधे घंटे तक यज्ञ में बैठा जाये और हवन के धुएं का शरीर से सम्पर्क हो तो टाइफाइड जैसे जानलेवा रोग फैलाने वाले जीवाणु खत्म हो जाते है और शरीर शुद्ध हो जाता है ।

3- धार्मिक मान्यता के अनुसार घर में किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी होने पर यज्ञ करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है और घर का वातावरण भी शुद्ध होता हैं ।

4- यज्ञ में प्रयोग की जाने वाली सामग्रियों का बहुत अधिक महत्व होता है, जब उनकी आहुति दी जाती है तो वें सुक्ष्म से सुक्ष्म विषाणुओं का नाश करने के काम करती हैं ।

5- यज्ञ के धुएं के सम्पर्क में रहने से व्यक्ति के मस्तिष्क, फेफड़ें और श्वास सम्बन्धी समस्याएं भी नष्ट हो जाती है, जिसकी मदद से श्वसन तंत्र बेहतर तरीके से कार्य करने लगता है ।

6 - यदि किसी धनपित बनने की इच्छा हो तो नियमित, साप्ताहिक, अमावस्या या फिर पूर्णिमा तिथि को ब्राह्म मुहूर्त में यज्ञ करना चाहिए, कुछ ही दिनों में सारे अभाव दूर होने लगेंगे ।

7- यदि किसी व्यक्ति की राशि में ग्रहों की चाल खराब हो तो ऐसे लोगों को यज्ञ करना चाहिए, यज्ञ की मदद से कुंडली के दोष का भी निवारण किया जा सकता हैं ।

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Published on:
11 Mar 2019 04:11 pm