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10 अक्टूबर का दिन बदल सकता है तकदीर, 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

Shani Dev : जिन राशियों पर पर शनि की साढ़ेसाती और ढैया चल रही है उन जातकों के लिए जरूरी उपाय, शनि देव दे सकते हैं राहत
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भारत

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deepak deewan

•

Oct 03, 2026

shani

shani dev- image AI Grok

Shani Puja : 10 अक्टूबर 2026 का दिन कई लोगों के लिए तकदीर बदलनेवाला साबित हो सकता है। इस दिन अमावस्या है। शनिवार का दिन होने से यह शनिश्चरी अमावस्या कहलाएगी जिसका विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन शनि देव की श्रद्धापूर्वक पूजा पाठ करने और दान पुण्य करने से कई कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। शनिश्चरी अमावस्या पर शिवपूजा व शनिदेव का विधान है। इससे साढ़ेसाती और ढैया के बुरे प्रभाव कम हो सकते हैं। शनिदेव की प्रसन्नता से 5 राशियों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि वर्तमान में कुंभ, मीन और मेष राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। सिंह और धनु राशि वाले शनि की ढैया के प्रभाव में हैं। 2026 में पूरे वर्ष यही स्थिति रहेगी।

क्या होती है शनि की साढ़ेसाती (Sade Sati) और ढैया

शनि की साढ़ेसाती साढ़े 7 वर्ष की अवधि की होती है। इसमें शनि देव एक साथ 3 राशियों पर अपना प्रभाव डालते हैं। तीनों राशियों पर शनिदेव की अलग अलग उदय, चरम व अस्त अवस्था होती है। ये तीनों अवस्थाएं ढाई ढाई साल की होती हैं। वर्तमान में कुंभ राशि पर जहां शनि की साढ़ेसाती की अंतिम अवस्था यानि अस्त चरण चल रहा है जबकि मीन राशि पर इसका दूसरा यानि चरम चरण का प्रभाव है। मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला अर्थात उदय चरण का प्रभाव चल रहा है।

शनि की ढैया (Dhaiya)

इसी तरह शनि की ढैया की अवधि ढाई साल की होती है। वर्तमान में यह दो राशियों सिंह और धनु पर प्रभावी हैं। सिंह राशि पर अष्टम शनि असरकारक है जबकि धनु राशि को कंटक शनि परेशान कर रहा है।

10 अक्टूबर को शनिश्चरी अमावस्या पर शनि देव की विधिपूर्वक पूजा करें तो साढ़ेसाती और ढैया की पीड़ा से बहुत राहत मिल सकती है।

क्या करें

ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके के अनुसार शनिदेव की उपासना में शनिश्चरी अमावस्या का बहुत महत्व है। इस दिन शनि मंदिर में जाकर शनि देव को तेल चढ़ाना चाहिए। जहां तक संभव हो तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। शनिश्चरी अमावस्या पर काले तिल, उड़द का दान करना भी शुभ माना गया है। जरूरतमंदों को वस्त्र और अन्न का दान कर शनिदेव से कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करना चाहिए।