धौलपुर

प्रतिदिन 50 रुपए के खर्च पर 500 की कमाई

कम कीमत में ज्यादा मुनाफे का सौदा है गधों की बढ़ी डिमांड, घोड़ों की नहीं पूछ
2 min read
Feb 03, 2019
dholpur news dholpur
प्रतिदिन 50 रुपए के खर्च पर 500 की कमाई


कम कीमत में ज्यादा मुनाफे का सौदा है
-प्रतिदिन 50 रुपए के खर्च पर 500 की कमाई
-गधों की बढ़ी डिमांड, घोड़ों की नहीं पूछ
-धौलपुर में रेता परिवहन में धड़ल्ले से हो रहा गधों व खच्चरों का उपयोग
धौलपुर. जिले में गधों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। इस का कारण दरअसल रेता व्यापार से जुड़ा है। हाल में मौरोली मोड़ पर पुलिस की अस्थाई पुलिस चौकी शुरू होने के बाद रेता परिवहन एकाएक रुक सा गया है। ऐसे में गधों के इस्तेमाल के जरिए रेता को शहरी क्षेत्र में पहुंचाने का खेल खुलकर खेला जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर घडिय़ालों के संरक्षण के चलते चंबल बजरी की निकासी पर पूर्णतया प्रतिबंध है। निर्देशों की पालना के तहत पुलिस ने रेता निकासी के सबसे मुख्य स्थल मोरोली गांव पर अस्थाई पुलिस चौकी लगाते हुए करीब 70 जवानों की तैनातगी कर दी है। ऐसे मेें यहां से ट्रक व ट्रेक्टर-ट्रॉलियों का परिवहन पूरी तरह रूक गया है।
गधों की तरफ बढ़ा रुझान
रेता परिवहन पर रोक के बाद अब रेता व्यवसाय से जुड़े लोगों का गधों और खच्चरों की ओर अपना रुझान कर लिया है। खच्चर मालिक ने पूछताछ में बताया कि ***** 10 से 12 हजार और खच्चर करीब 30 से 40 हजार रूपए में आ जाता है। इन दोनों पशुओं का खर्चा भी प्रतिदिन काफी कम है। अधिकांश पालक अपने गधों को भोजन के लिए खुले में ही छोड़ देते हैं, जिससे उनका खर्चा बच जाता है। जबकि ***** व खच्चर के जरिए एक चक्कर पर करीब 200 रूपए तक का रेता आसानी से ले आता है।
ना कोर्ट कचहरी का चक्कर और पकड़े जाने का डर
***** व खच्चर पालकों को रेता परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार का कोई डर पुलिस व प्रशासन से नहीं है। ट्रक व ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस पकड़ लेती है, जब्तीकरण कार्रवाई भी कर देती है, ऐसे में वाहन मालिक कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते है, लेकिन ***** व खच्चर मालिक को इस प्रकार की समस्या का सामाना नहीं करना पड़ता है। वे बिना रोक टोक के आसानी से अपने काम में लगे है। पशुपालक ने बताया कि रेता परिवहन के दौरान उन्हें कोई भी पुलिस वाला नहीं रोकता है और चंबल से किनारे से आसानी से शहर तक रेता लेकर आ रहे है।
बढ़ गई गधों व खच्चरों की डिमांड
रेता परिवहन वाहनों पर पुलिस की सख्ती के बाद जिले में गत सप्ताह भर से गधों व खच्चरों की डिमांड बढ़ गई है। कम कीमत और ज्यादा मुनाफे के कारण रेता माफियाओं ने अब गधों व खच्चरों की ओर अपना रुख कर लिया है। शहर में अचानक बढ़ी गधों व खच्चरों की संख्या जगह-जगह चर्चाओं का विषय बनी हुई है।

Published on:
03 Feb 2019 07:51 pm