
जिला अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज
धौलपुर.मानसून के दौरान मौसम बीमारियों का प्रकोप बढऩे लगा है। मौसम में बदलाव के चलते जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम जनित बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जिसके कारण अस्पताल के बाहर और अंदर मरीजों की कतार लगी हुई है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दो हजार तक पहुंच चुकी है।
मानसून के दौरान गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल है। जो बीमारियों के रूप में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के रूप में देखी जा रही हैं। जिला अस्पताल में अल सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ लग रही है। पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाने लंबी-लंबी कतारों में खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए महिलाएं, बच्चे परेशान नजर आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी (एमसीएच भी साथ) में 2000 से ज्यादा मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। हालांकि गुरुवार को बारिश होने के कारण मरीजों संख्या में जरूर कमी देखी गई, लेकिन फिर भी ओपीडी 1598 तक जा पहुंची। भारी भीड़ के कारण अस्पताल के अंदर और बाहर दोनों जगह मरीज परेशान हो रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव भी बढ़ गया है। इसके बावजूद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने में लगे हुए हैं।
एमसीएच में तीनों शिशु वार्ड फुल
मानसून के दौरान मौसम जनित बीमारियों का प्रकोप प्रारंभ हो गया है। इन बीमारियों से बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जनाना अस्पताल के तीनों शिशु वार्ड मरीजों से फुल हैं। इनमें सबसे ज्यादा वायरल और सर्दी, जुकाम और टायफाइट के हैं। वार्डों की हालत यह हैं कि एक पलंग पर दो से तीन मरीज भर्ती हैं। तो वहीं आईसीयू के वार्ड में अलग शिशु मरीज भर्ती हैं।
मौसम में बदलाव से यह बीमारियां
तापमान में बार-बार बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, गले में खराश और तेज बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जगह-जगह बारिश का पानी जमा होने से डेंगू और मलेरिया के मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है, जिससे इनका खतरा काफी अधिक हो जाता है। दूषित खानपान और पानी की वजह से टायफाइड, डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीज भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। नमी और उमस के कारण त्वचा पर चकत्ते, खुजली और आंखों में लालिमा व सूजन की समस्याएं बढ़ रही हैं।
डॉक्टर कर रहे सावधानी बरतने की अपील
डॉक्टरों के मुताबिक मानसून में कभी नमी तो कभी गर्मी और लगातार होता बदलाव के कारण वायरल संक्रमण और सर्दी जुकाम के मामले सामने आ रहे हैं। बीमारियों से बचने के लिए लोगों को साफ-सफाई का खास ध्यान रखने, ताजा और पौष्टिक खाना खाने और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों से बदलते मौसम में सावधानी बरतने और बुखार या दूसरे लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की है।
जिले में डेंगू की दस्तक
मानसून के दौरान वायरल, संक्रमण सहित सर्दी और जुकाम के मरीज बढऩे लगते हैं। तो वहीं बारिश के दौरान जगह-जगह इक_ा होने वाले पानी में मच्छरों के पनपने से लेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों ने भी पसराना प्रारंभ कर दिए हैं। जिले के सरमथुरा ब्लॉक में बुधवार को डेंगू के मरीज की पुष्टि की गई है। जिसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने स्पॉट चिह्नित कर फॉगिंग की गई।
शहर में कीटनाशक और फॉगिंग नहीं
मानसून के दौरान मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अभियान चला लोगों को बारिश का पानी इक_ा न होने की अपील करते हुए जगह-जगह कीटनाशक दवाओं और फॉगिंग कराई जाती है, लेकिन मानसून सीजन का आखिरी पड़ाव आने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग और न ही नगर परिषद ने शहर में इक_े बारिश के पानी में कीटनाशक दवाओं का छिडक़ाव कराया गया है और ना ही शहर में फॉगिंग कराई गई है।
Updated on:
04 Sept 2026 07:09 pm
Published on:
04 Sept 2026 07:09 pm
