धौलपुर में टीबी के खिलाफ बड़ी सफलता धौलपुर. विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग निवारण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्म सिंह मीणा ने कहा कि टीबी हारेगा, देश जीतेगा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से आह्वान […]
धौलपुर में टीबी के खिलाफ बड़ी सफलता
धौलपुर. विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग निवारण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्म सिंह मीणा ने कहा कि टीबी हारेगा, देश जीतेगा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि टीबी मरीजों के उपचार में हरसंभव सहयोग करें, ताकि टीबी मुक्त भारत का सपना जल्द साकार हो सके। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम हां, हम टीबी का अंत कर सकते हैं। देशों के नेतृत्व में जनता की शक्ति से...रखा था।सीएमएचओ डॉ.मीणा ने कहा कि जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 72 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जो जिले के लिए एक उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य सामुदायिक सहयोग से टीबी उन्मूलन को गति देना है। उन्होंने सक्षम नागरिकों से निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पोषण एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.गोविंद सिंह मीणा ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान निरंतर जारी है और शेष ग्राम पंचायतों को भी जल्द इस श्रेणी में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए मरीजों की समय पर जांचए प्रभावी उपचार और जागरूकता गतिविधियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इस अवसर पर सामाजिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए रामप्रसाद अग्रवाल द्वारा निक्षय पोषण योजना के तहत 40 फूड बास्केट वितरित किए गए। वहीं जिले में कुल 101 फूड बास्केट मरीजों को उपलब्ध कराए गए। जिससे उनके पोषण स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें टीबी मुक्त भारत के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस मौके पर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ.शिव कुमार शर्मा, डीपीसी टीबी प्रेम सैनी, डॉ.चेतराम मीणा आदि मौजूद रहे।
जिले की 72 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त, जनभागीदारी बनी ताकत