बसेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर द्वितीय तल की मंजिल पर बने मीटिंग हॉल का भवन क्षतिग्रस्त हाल में है। हालत ये है कि अब छत से सीमेंटेड टुकड़े टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में हादसे की आशंका के चलते मीटिंग हॉल में सीएचसी कर्मचारियों ने तो बैठना बंद कर दियाए
- मीटिंग हॉल क्षतिग्रस्त, द्वितीय तल है भवन, कार्मिक करते हैं कार्य
- प्रथम तल पर प्रसव कक्ष, हादसे की आशंका
- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का हाल बेहाल
dholpur, बसेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर द्वितीय तल की मंजिल पर बने मीटिंग हॉल का भवन क्षतिग्रस्त हाल में है। हालत ये है कि अब छत से सीमेंटेड टुकड़े टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में हादसे की आशंका के चलते मीटिंग हॉल में सीएचसी कर्मचारियों ने तो बैठना बंद कर दियाए
लेकिन खास बात यह है कि क्षतिग्रस्त द्वितीय तल की मंजिल के नीचे की मुख्य बिल्डिंग में प्रसूताओं का प्रसव कक्ष चल रहा है। अगर किसी कारण से हॉल में अधिक नुकसान पहुंचता है तो नीचे की मंजिल में कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। सीएचसी पर प्रसूताओं का औसतन प्रतिदिन 5 से 10 महिलाओं का नियमित प्रसव हो रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन उच्च अधिकारियों को इस टूटे हुए मीटिंग हॉल की जानकारी देते हुए अपना पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।
हालांकि यह बिल्डिंग की छत कुछ दिनों पूर्व इसमें से टुकड़े गिरने से शुरू गए थे। इस बिल्डिंग के एक पोर्शन में अकाउंटेंट और कुछ अन्य योजनाओं से जुड़े कंप्यूटर पर बैठ कर्मचारी काम कर रहे थे। छुट्टी के दिन अचानक आरसीसी की छत टूट कर गिर पड़ी। गनीमत रही के छुट्टी की वजह से कोई हादसा नहीं हुआ। अगर कर्मचारी कार्य कर रहे हो तो निश्चित ही कोई हादसा होता।
नीचे वार्ड और भर्ती प्रसूता
वहीं, इस हादसे के बाद भी स्थानीय अस्पताल प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। नीचे की बिल्डिंग में प्रसूताओ है प्रसव हो रहे हैं और ऊपर की मंजिल क्षतिग्रस्त है। जब इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र की प्रभारी डॉ.मंजूषा बंसल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने क्षतिग्रस्त बिल्डिंग की सूचना पूर्व में ही उच्च अधिकारी को दे रखी है। शीघ्र ही हमारा अस्पताल स्टेट हाइवे पर राजकीय महाविद्यालय के बगल में बन रहा है वहां शिफ्ट हो जाएगा।
अधिकारी बने लापरवाह...नहीं ध्यान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भवन की स्थिति को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। यहां भर्ती मरीज और उनके परिजनों को पता ही नहीं कि ऊपरी मंजिल की हालत खराब है। अब कार्मिक भी भयभीत है कि कभी भी कुछ भी हादसा हो सकता है। लेकिन जिम्मेदारों को अभी भवन का दौरा करने का समय तक नहीं मिल पाया है।