
- स्वायत्त शासन विभाग ने मिली हरी झंडी
- गाड़ी पहुंच रही है या नहीं, जीपीएस के जरिए होगी निगरानी
धौलपुर. नगर परिषद क्षेत्र में अब लोगों को इधर-उधर घरों का कचरा नहीं फेंकना पड़ेगा। अब जल्द शहरी क्षेत्र में नए ३१ ऑटो टिपर गाडिय़ां घर-घर कचरा संग्रहण करेंगी। खास बात ये है कि अब शहर के लोगों को यह चिंता करने की जरुरत नहीं होगी कि गाड़ी नहीं पहुंची, सभी गाडिय़ों में जीपीएस सिस्टम होगा और सर्वर रूम से प्रत्येक गाड़ी पर पैनी नजर रखी जाएगी। इस नई व्यवस्था के लिए सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने हरी झंडी दे दी है और जयपुर से ठेका भी हो गया है। अब केवल संबंधित फर्म को आकर नगर परिषद क्षेत्र में काम शुरू करना है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह नई गाडिय़ां शहर में दौड़ती दिख जाएगी। जिससे गली-मोहल्लों में भूखंड और नालियों में डाले जाने वाला कचरा नजर नहीं आएगा।
जानकारी के अनुसार धौलपुर नगर परिषद में 60 वार्ड हैं और अब एक गाड़ी करीब दो वार्ड को कवर करेगी। नवीन टेंडर व्यवस्था के तहत नगर परिषद को कुल 31 ऑटो टिपर मिलेंगे। घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य संबंधित फर्म संभालेगी। वहीं, नगर परिषद की ओर से वर्तमान में चल रहे करीब 8 से9 ऑटो टिपर नई फर्म के कार्य संभालने बदस्तूर जारी रहेंगे। बता दें कि नगर परिषद के पूर्व में संचालित अधिकतर टिपर गाडिय़ां खटारा हो गई थी। बीते एक साल से तो शहर में केवल वीआईपी विजिट या फिर खास इलाकों से दो-तीन गाडिय़ां ही कचरा उठा रही थी। लेकिन इन्होंने भी कुछ समय से काम करना बंद कर दिया था। हाल के दिनों में कार्यवाहक आयुक्त कर्मवीर सिंह, अधिशासी अभियंता गुमान सिंह सैनी व मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक प्रकाश श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने कबाड़े में पड़ी कुछ ऑटो टिपर गाडिय़ों को दुरस्त करवाया, जो वर्तमान में कुछ इलाकों से कचरा उठा रही हैं।
जीपीएस सिस्टम से प्रत्येक टिपर गाड़ी रहेगी पैनी नजर
नई व्यवस्था के तहत चलने वाली ऑटो टिपर गाडिय़ों पर फर्म की ओर से पैनी नजर रखी जाएगी। इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम रहेगा और कौनसी गाड़ी संख्या किस वार्ड की गली में गई है, इसकी सारी जानकारी जीपीएस और ऑनलाइन मैप पर नजर आएगी। यानी गाड़ी अधिक देर खड़ी हुई तो कंट्रोल से फोन कर वजह पूछी जाएगी। अगर किसी कारणवश गाड़ी में खराबी आ गई तो दूसरी गाड़ी या फिर एक्ट्रा गाड़ी उस इलाके को कवर करेगी।
सरकार ने बजट में कर रखी थी घोषणा
सफाई व्यवस्था के तहत संचालित होने वाले ऑटो टिपर गाडिय़ों के लिए सरकार ने बजट में घोषणा की थी। सरकार ने इस वर्ष करीब 47 करोड़ रुपए की घोषणा की है। उक्त राशि से प्रदेश की ११९ नगर निकायों में बांटी जाएगी। जहां पर नई व्यवस्था के तहत ऑटो टिपर शुरू होंगे। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह ऑटो टिपर संचालन करने वाली फर्म रहवासियों से कचरा संग्रहण के बदले कोई शुल्क लेगी या फिर यह सुविधा फ्री रहेगी। धौलपुर शहर से कचरा संग्रहण के लिए फर्म ने करीब ९३93 लाख की बिड लगाई है।
- डीएलबी के स्तर पर कोई निर्णय हुआ है। आने वाले दिनों में फर्म शहर के वार्डों से कचरा संग्रहण करेगी। इसकी डिटेल अभी नहीं आई है। इसके लिए बजट में घोषणा हुई थी।
-गुमान सिंह सैनी, अधिशासी अधियंता नगर परिषद धौलपुर
Published on:
27 Feb 2026 07:03 pm
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