
धौलपुर. तीर्थों के भांजे कहे जाने वाले तीर्थराज मचकुंड महाराज के 2 दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ऋषि पंचमी और देव छठ के अवसर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु धौलपुर पहुंचे। जिन्होंने मचकुंड सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई।
पंचमी पर भी हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने मचकुंड सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई थी। श्रद्धालुओं ने दान.पुण्य किया और साधु.संतों को भोजन कराकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।श्रदालुओं ने नव विवाहिताओं की कलंगियों का सरोवर में विसर्जन किया। सरोवर में स्नान और पूजा.अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसारए मचकुंड सरोवर में स्नान करने से धर्म लाभ और चर्म रोगों से मुक्ति मिलने की आस्था है।
मेले में जगह.जगह भंडारे
मचकुंड मेले में जगह.जगह भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं और साधु.संतों को भोजन कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारों में प्रसादी ग्रहण की। धार्मिक आयोजनों के चलते मेले में पूरे दिन आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।मेले की व्यवस्थाओं को लेकर मेला मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सुरेश राव लगातार मॉनिटरिंग करते नजर आए। उन्होंने मेले का बार-बार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष ध्यान दिया गया। एसडीएम राव ने बताया कि मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होए इसके लिए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वाटर वक्र्स से गुलाब बाग तक जाम
मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते वाटर वक्र्स चौराहे से गुलाब बाग तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। सडक़ पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मशक्कत करते नजर आए। मचकुंड सरोवर की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित रहा।
शाम के समय पहाड़ और अब्दाल शाह जी की मजार पर भी धार्मिक कार्यक्रमों और उर्स का आयोजन किया जाएगा। मचकुंड महाराज का यह मेला धौलपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।