धौलपुर

Dholpur: अवैध मंदिर निर्माण का प्रयास प्रशासन ने किया विफल, जमीन में मिली प्रतिमा का दावा निकला निराधार

मछरिहा गांव में विगत 10 दिन पूर्व खातेदारी की जमीन पर खुदाई के दौरान कथित रूप से प्राचीन खाटू श्याम प्रतिमा निकलने का दावा उपखंड प्रशासन ने निराधार पाया है। मंदिर की आड़ में सरकारी रास्ता लेने का प्रयास किया जा रहा था। जिसे दिहोली पुलिस की मदद से ध्वस्त करा कर मूर्ति को ससम्मान थाना में सुरक्षित रखवाया गया है।
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Updated: 30 Jun 2026, 6:03 PM IST
Dholpur news
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Dholpur, राजाखेड़ा उपखंड के मछरिहा गांव में विगत 10 दिन पूर्व खातेदारी की जमीन पर एक पेड़ की जड़ों की खुदाई के दौरान कथित रूप से प्राचीन खाटू श्याम प्रतिमा निकलने का दावा उपखंड प्रशासन ने निराधार पाया। आस्था का सहारा लेकर उस जगह पर किए जा रहे मंदिर निर्माण के प्रयास को विफल कर दिया।

प्रशासन का दावा है कि लोगों की श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था और उसकी आड़ में एनएचएआई के बनाए जा रहे एक्सप्रेस वे समीप होने के चलते जमीन की कीमत बढ़ाने और मंदिर की आड़ में सरकारी रास्ता लेने का प्रयास किया जा रहा था। जिसे दिहोली पुलिस की मदद से ध्वस्त करा कर मूर्ति को ससम्मान थाना में सुरक्षित रखवाया गया है।गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व मछरिहा गांव के एक किसान के खेतों से सटे भूमि पर सूखे पेड़ के अवशेष किसान साफ कर रहा था। तो उसने पेड़ की जड़ों में एक मूर्ति देखने का दावा किया, जो दो फीट लंबी थी और लेटी अवस्था में थी। किसान ने इसकी सूचना लोगों को दी तो वहां कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे और प्रतिमा को खाटू श्याम की प्राचीन प्रतिमा माना गया। जिसके बाद वहां श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा और दूर-दूर से लोग वहां आकर पूजा अर्चना करने लगे। चढ़ावा काफी अधिक आने पर किसान ने वहां मंदिर निर्माण आरम्भ करा दिया। आस्था के चलते उसे लोगों का भरोसा मिलने लगा और दिन प्रतिदिन ग्रामीण भक्तों की भीड़ बढऩे लगी।

कैम्प में जा रहे अधिकारियों की पड़ी निगाह

सोमवार को मछरिहा गांव में कैम्प था, तो सभी उपखंड स्तरीय अधिकारी वहां पहुंचे और भीड़ देखकर उपखंडाधिकारी सुशीला मीणा व तहसीलदार दीप्ति देव मौके पर पहुंची जहां मामले की जांच की तो प्रथम दृष्ट्या ही मामला संदिग्ध लगा। मूर्ति प्राचीन नहीं बल्कि काफी नई सी और कुछ ही दिन पूर्व बनवाई गई लगी और दावा किए गए स्थान पर कोई गहरी खुदाई हुई ही नहीं थी बल्कि लगभग 2-3 फीट नीचे मिली थी। जिससे इरादतन आस्था का लाभ उठाना प्रतीत हो रहा था। जमीन एक्सप्रेस वे के ठीक पास होने पर कीमती होने से उसकी बदनीयत दिखती नजर आ रही थी। मंदिर के नाम पर रास्ते लेने का स्पस्ट प्रयास दिख रहा था। जिस पर देव ने तुरंत दिहोली पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया और मंदिर के नाम पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटवा दिया साथ ही प्रतिमा को पूर्ण सम्मान के साथ दिहोली पुलिस की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया।

कुछ लोग धार्मिक संवेदनशीलता का लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं, जो सीधा सीधा आस्था के साथ खिलवाड़ कर अपने निजी हित साधते हैं। सरकार और प्रशासन भी धर्म और धार्मिक स्थलों को पूर्ण सम्मान देता है लेकिन धर्म की आड़ में कब्जे करने की अनुमति नहीं दी सकती, इसलिए कार्रवाई की गई है। प्रतिमा को दिहोली पुलिस की कस्टडी में सम्मान सहित सुरक्षित रखवा दिया गया है।

दीप्ति देव, तहसीलदार राजाखेड़ा

Updated on:
30 Jun 2026, 6:03 PM IST
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