मचकुंड पर बंद पड़े रंगीन फव्वार और लाइट एंड साउंट शो को शुरू करने के लिए एडीएम ने आयुक्त को निर्देश दिए हैं। बता दें कि पत्रिका ने इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित कर बंद फव्वारे के मामले को उठाया। माना जा रहा है कि देवछठ मेले पर श्रद्धालु रंगीन फव्वारें की छंटा देख सकेंगे।
- सरोवर में लगे फव्वारे और लाइट एंड साउंट शो को दुरुस्त करने के निर्देश
- तीर्थराज मचकुंड पर 28 व 29 को भरेगा मेला
धौलपुर. भरतपुर संभाग समेत आसपास के इलाके में विख्यात देवछठ मेले की तैयरियां जोरों पर चल रही है। मचकुंड रोड पर सडक़ किनारे दुकानें सजने लगी हैं। यहां पर बच्चों के मनोरंजन साधन पहुंचने लगे हैं। उधर, मचकुंड परिसर में सफाई कार्य के साथ रोरानी व्यवस्था दुरुस्त हो रही है। एडीएम, एसडीएम और अन्य अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दो दिवसीय देवछठ मेला 28 व 29 को रहेगा। इसमें पहले दिन 28 को ऋषि पंचमी और दूसरे दिन दिन 29 को देवछठ मेला रहेगा। जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत राजस्थान भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। उधर, मचकुंड पर बंद पड़े रंगीन फव्वार और लाइट एंड साउंट शो को शुरू करने के लिए एडीएम ने आयुक्त को निर्देश दिए हैं। बता दें कि पत्रिका ने इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित कर बंद फव्वारे के मामले को उठाया। माना जा रहा है कि देवछठ मेले पर श्रद्धालु रंगीन फव्वारें की छंटा देख सकेंगे।
मचकुंड मेला की तैयारियों को लेकर की समीक्षा
उधर, अतिरिक्त जिला कलक्टर ने देवछठ मेले की तैयारियों की समीक्षा की। एडीएम ने नगर परिषद आयुक्त अशोक शर्मा को मेला स्थल, परिक्रमा मार्ग व मुख्य मार्ग पर साफ. सफाई व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मेले के दौरान लाइट एण्ड साउण्ड शो की मेनंटिनेंस करवाने, सरोवर की सफाई, अस्थाई शौचालय लगवाना, सार्वजनिक सुलभ शौचालयों की सफाई, फायर बिग्रेड की गाडिय़ों की समुचित व्यवस्था, सरोवर घाटों पर महिलाओं के स्नान के लिए अस्थाई टैन्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरोवर के घाटों पर पर्याप्त प्रशिक्षित गोताखोरों को तैनात करने के निर्देश दिए। मेला स्थल व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम करने के निर्देश दिए। बैठक में उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग धीरेन्द्र सिंह, उपखण्डाधिकारी साधना शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लावारिस पशुओं का जमावाड़ा
मेले नजदीक है लेकिन मचकुंड परिसर में बड़ी संख्या में लावारिस पशुओं का जमावाडा बना हुआ है। ये पशु यहां घाटों के पास खड़े रहते हैं जिससे यहां आ रहे श्रद्धालुओं के साथ हादसे की आशंका बनी हुई है। एडीएम ने ली बैठक में भी आयुक्त को लावारिस पशुओं को पकड़वा कर गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए है