धौलपुर

Dholpur: राजाखेड़ा नगर पालिका में गजब खेल, कर्मचारियों ने खुद ही लिए प्रधानमंत्री आवास

नगर पालिका राजाखेड़ा में कथित रूप से फर्जी पट्टों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने का मामला सामने आया है। जिसमें उच्च स्तरीय जांच के लिए नागरिकों ने मुख्यमंत्री व अन्य संबंधित राज्य स्तरीय अधिकारियों से गुहार लगाई है।

2 min read
Dholpur news
Dholpur news

Dholpur, राजाखेड़ा. केंद्र सरकार ने आवासहीन गरीबों को छत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना आरम्भ की जिससे गरीबो को घर मिल सके और वे अपनी छत के नीचे चेन से रह सकें। लेकिन नगर पालिका राजाखेड़ा में कथित रूप से फर्जी पट्टों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने का मामला सामने आया है। जिसमें उच्च स्तरीय जांच के लिए नागरिकों ने मुख्यमंत्री व अन्य संबंधित राज्य स्तरीय अधिकारियों से गुहार लगाई है। उधर, नगर पालिका ईओ विष्णु परमार का कहना है मामला सामने आया है जांच करवा रहे हैं।

नागरिकों के आरोप हैं कि गरीबों को आवास की जगह इस योजना में कर्मचारियों ने खुद ही अपने नाम और अपने परिजनों के नाम आवास स्वीकृत करा लिए हैं। साथ ही राजनीतिज्ञों ने भी जमकर अपने कार्यकर्ताओं को इस योजना मे अपात्र होते हुए भी उपकृत किया है। कई ने तो इस योजना में प्राप्त राशि से दुकानों तक का निर्माण करा लिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री राजस्थान को सभी स्वीकृत आवासों की उच्च स्तरीय जांच कराकर सभी अपात्रों से वसूली करने व दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका राजाखेड़ा में लंबे समय से अवैध एवं फर्जी पट्टों का कारोबार संचालित हो रहा है। इन कथित फर्जी पट्टों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सरकारी धन का गलत तरीके से लाभ लिया गया है।

दो स्वीकृत आवास एक ही संपत्ति से संबंधित

शिकायतकर्ता माधव देव व अन्य के अनुसार उन्होंने कई अपात्रों की तो स्वीकृति आईडी का ब्यौरा भी मुख्यमंत्री को भेजा है। एक प्रकरण में तो दो स्वीकृत आवासों में तो दोनों पट्टे एक ही संपत्ति से संबंधित हैं और इन्हें अलग-अलग नामों से जारी किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि दोनों पट्टों में दर्ज संपत्ति का वर्तमान मालिक एक ही व्यक्ति है। आरोप यह भी हैं कि एक पट्टा संपत्ति की मूल मालिक की माता के नाम से है तथा दूसरा उनकी दादी के नाम से जारी कराया गया। इन दोनों पट्टों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त किया गया, जिससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं । वहीं सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत राज्यपाल, मुख्य सचिव राजस्थान सरकार, नगरीय विकास मंत्री, जिला कलक्टर तथा उपखंड अधिकारी राजाखेड़ा को भी भेजी गई है।

उक्त प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही वास्तविकता सामने आ सकेगी।

-विष्णु परमार, ईओ नगरपालिका राजाखेड़ा

Published on:
16 Jun 2026 07:39 pm