धौलपुर

24 घंटे बाद मिला नदी में डूबे किशोर का शव

राजाखेड़ा क्षेत्र उत्तनगन नदी (पार्वती) में सोमवार शाम डूबे 14 वर्षीय किशोर रोहिताश्व उर्फ रोहित निवासी छीतापुरा का शव मंगलवार दोपहर एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। शव को राजाखेड़ा के उप जिला चिकित्सालय में भिजवाया, जहां पीएम करा परिजनों को सौंप दिया।

2 min read

आए दिन हो रहे हादसे, स्थानीय प्रशासन नहीं ले रहा सबक

dholpur, राजाखेड़ा क्षेत्र उत्तनगन नदी (पार्वती) में सोमवार शाम डूबे 14 वर्षीय किशोर रोहिताश्व उर्फ रोहित निवासी छीतापुरा का शव मंगलवार दोपहर एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। शव को राजाखेड़ा के उप जिला चिकित्सालय में भिजवाया, जहां पीएम करा परिजनों को सौंप दिया।

किशोर रोहिताश्व सोमवार शाम के समय गांव के बाहर नदी किनारे भैंस चरा रहा था। अचानक भैंस पानी की तरफ चली गई तो वह भैंस को बचाने के लिए नदी की तरफ चला गया लेकिन संतुलन बिगडऩे से वह खुद डूब गया। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो बड़ी संख्या में लोगो ने बचाव अभियान शुरू किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नदी में तलाश किया लेकिन सुराग नहीं लगा। जिस पर मंगलवार सुबह एसडीआरएफ टीम ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शाम करीब 4 बजे किशोर का शव नदी के गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। स्थानीय सरपंच रविन्द्र वर्मा ने बताया कि रोहित 2 भाई व 1 बहन थे, वह बड़ा था ओर कक्षा 6 में पढ़ रहा था। वह परिवार व पिता की मदद के लिए भैंस चराने चला जाता था जिसके साथ यह दर्दनाक हादसा हो गया।

सोमवार शाम की घटना के बाद क्षीतापुरा गांव में करुण क्रंदन की आवाजें गूंजती रही लोगो के घरो में चूल्हे तक नही जले। मंगलवार शाम शव: मिलने के बाद परिजन ही नहीं हर ग्रामीण बिलख उठा।

आखिर क्यों नहीं रुक रहे हादसे

उत्तनगन नदी में यह पहला हादसा नहीं है। मनियां क्षेत्र की रपट पर मिनी ट्रक के बहने और दो लोगों की मौत की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। तभी पिछले पखवाड़े 12 सितंबर को नागर के दो किशोर इसी बहाव में डूब कर जान गंवा बैठे। एक पति पत्नी भी पिछले माह इसी नदी में डूब गए। 27 अगस्त को डोंगरपुर रपट पर घोड़ा गाड़ी बह गई सवार को भाग्य ने साथ दे दिया ।31 अगस्त को नदोली पर बाइक सवार बहा पर लोगों ने बचाया। पिछले सप्ताह ट्रेक्टर ट्रॉली बह गई। अगले दिन फिर बाइक बह गई। अब ये हादसे आम घटना होती जा रही है। लोग डूबते हैं आपदा नियंत्रण का अमला आता है। बचाव अभियान चलाता है शवों को निकाल कर पुलिस को सौंप चला जाता है और फिर किसी नई घटना का इंतजार। आखिर स्थानीय प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने की रणनीति क्यों नहीं बना पा रहा है, यह एक बड़ा सवाल अब आम नागरिक के जहन में हलचल मचा रहा है।

Published on:
23 Sept 2025 07:56 pm
Also Read
View All

अगली खबर