
धौलपुर. चंबल नदी किनारे बसे धौलपुर जिले में अवैध चंबल बजरी निकासी और परिवहन पर लगी रोक के बाद अब नियमित निगरानी के साथ बॉर्डर होम गार्ड भी नियमित पेट्रोलिंग करेगा। यानी अभी तक पुलिस और आरएसी के जवान ही चंबल के मुख्य रास्तों पर निगरानी कर थे लेकिन अब बॉर्डर होम गार्ड की एंट्री हो गई है।
धौलपुर जिले को सर्वाधिक 80 बॉर्डर होम गार्ड मिलेंगेे जो चंबल घाट से लेकर मुख्य आवाजाही के चिह्नित रास्तों पर प्रतिदिन पेट्रोलिंग करेंगे और इनका ठिकाना अब धौलपुर में होगा। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब राजस्थान के पांच जिले धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी, चितौडगढ़़ व अन्य को लेकर कुल 200 बॉर्डर होम गार्ड के लिए हरी झंडी दे दी है। खास बात ये है कि इस स्टाफ के वेतन और अन्य खर्चों का भार स्थानीय पुलिस या अन्य महकमे को नहीं उठाना पड़ेगा। इसके लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
मॉनिटरिंग कमेटी हालातों की केन्द्र सरकार को देेगी रिपोर्ट
उधर, धौलपुर समेत पांच जिलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद उसकी पालना किस स्तर पर हो रही है और क्या क्या प्रबंध हुए हैं उसको लेकर भी अलग से मॉनिटरिंग कमेटी सर्वे कर केन्द्र सरकार के समक्ष रिपोर्ट पेश करेगी। यह कमेटी सेंट्रल एम्पॉवर्ड कमेटी से अलग होगी। उधर, मुख्य सचिव के निर्देश पर धौलपुर पहुंची टीम ने चंबल के प्रत्येक घाट और रास्तों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव के निर्देश पर टीम ने किया दौरा
मुख्य सचिव के निर्देश पर जयपुर से पहुंची टीम ने राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य धौलपुर का दौरा कर चम्बल नदी में बजरी खनन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय की स्वप्रेरित रिट याचिका में पारित आदेशों एवं निर्देशों की पालना की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चम्बल नदी के विभिन्न घाटों एवं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चम्बल घाटों पर निगरानी सुदृढ़ करने के लिए स्थापित किए जा रहे सीसीटीवी कैमरों के स्थलों का निरीक्षण किया।
ड्रोन और सीसीटीवी से रहेगी 24 घंटे निगाह
चंबल घाटों से अवैध बजरी निकासी न हो पाए इसको लेकर यहां ड्रोन के माध्यम से चम्बल नदी के विभिन्न घाटों एवं संबंधित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया गया। ताकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना की स्थिति का आकलन किया जा सके। वहीं, नियमित ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निकासी द्वारों पर भी नजर रहेगी।
बीते साल दर्ज हुए थे 246 प्रकरण
इससे पहले बीते साल अवैध चंबल बजरी में रेकॉर्ड मामले सामने आए थे। वर्ष 2025 के दौरान जिले में अवैध रेता-बजरी एवं पत्थर खनन तथा परिवहन के विरुद्ध कुल 246 प्रकरण दर्ज किए गए तथा 275 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 260 अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया था। साथ ही 10040 टन प्रतिबंधित बजरी को जब्त किया गया था।
- मुख्य सचिव के निर्देश पर धौलपुर में टीम ने अवैध बजरी खनन के पूर्व चिह्नित स्थानों पर दौरा कर जायजा लिया और यहां किए गए रोकथाम के उपायों की बारीकी से पड़ताल है। टीम पांच जिलों का दौरा कर रही है। जिसके बाद रिपोर्ट पेश होगी। वहीं, जिले को अवैध खनन रोकने और पेट्रोलिंग के लिए 80 बॉर्डर होम गार्ड जवान मिले हैं, जो अगले सप्ताह से कार्य संभाल लेंगे।
- तेजस पाटिल, मुख्य वन संरक्षक, चंबल सेंचुरी धौलपुर