धौलपुर

वार्डवासियों का फूटा गुस्सा, चुनाव का बहिष्कार

धौलपुर नगर परिषद क्षेत्र में वार्ड नम्बर 8 के नागरिक व्यवस्था से नाखुश दिखे। वह सिस्टम से नाराज दिखे और जो आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए वह ‘शहरी सरकार’ नहीं दे पाई। इसके चलते स्थानीय नागरिकों ने वार्ड में एक बैनर टांग रखा है, जिस पर नगर परिषद चुनाव का बहिष्कार लिखा है।
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Dholpur news
बार्ड नम्बर 8 के लोगो ने चुनाव बहिष्कार के लगाए बेनर ओर किया प्रदर्शन

धौलपुर. लोकतंत्र में चुनाव वो प्रक्रिया है जिसमें आम नागरिक अपना एक नुमाइंदा चुनते हैं जो उनकी आवाज बनते हैं। इसके लिए होने वाले मतदान में सभी भाग लेते हैं और अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए ईवीएम मशीन में बजट दबाते हैं। लोकतंत्र की यही खूबसूरती है, कि हम हर मंच पर मुखर होकर विरोध भी जता सकते हैं।

ऐसा ही कुछ धौलपुर नगर परिषद क्षेत्र में दिखा। यहां निकाय चुनाव के दौरान वार्ड नम्बर 8 के नागरिक व्यवस्था से नाखुश दिखे। वह सिस्टम से नाराज दिखे और जो आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए वह ‘शहरी सरकार’ नहीं दे पाई। जिसका गुस्सा आखिर में फूूट पड़ा। वार्ड नम्बर 8 के लोगों का कहना था कि सडक़ों पर गंदा पानी भरा है और निकलना मुश्किल होता है। स्ट्रीट लाइटें नहीं है, सडक़ों की हालत खराब है और सफाई तो दूर कचरा तक नहीं उठ पाता है। स्थानीय नागरिकों ने वार्ड में एक बैनर टांग रखा है, जिस पर नगर परिषद चुनाव का बहिष्कार लिखा है। उधर, चुनाव बहिष्कार की सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। हालांकि, अभी तक किसी सरकारी कार्मिक ने यहां लोगों से संपर्क नहीं किया है।

राष्ट्रपति को भेजे परिवादों को जलेबी की तरह घुमाया

आम नागरिकों की शिकायतों का जिले में बुरा हाल है। राष्ट्रपति सचिवालय ने परिवाद को लेकर राजस्थान सीएस को पत्र लिखा और वह पत्र जिला मुख्यालय पहुंचा तो उसे जलेबी की तरफ घुमा दिया। समस्या नगर परिषद क्षेत्र की थी और उसे पीडब्ल्यूडी बसेड़ी, सैंपऊ समेत अन्य जगह भेज दिया और आखिर में समस्या ही पत्र ही गुम हो जाता है।

मकानों में दरारें, खाली कर गए मकान

शहर में बीते तीन साल से सैंपऊ, बाड़ी और ओडेला रोड, स्टेशन रोड समेत कई स्थानों पर कॉलोनियों की हालत खराब है। सीवरेज जगह-जगह उफान मार रहे हैं और जलभराव से मकानों का खासा नुकसान पहुंच रहा है। कई घरों में तो फर्श दब चुके हैं और दीवारों में क्रेक आ चुका है। नुकसान के चलते कई परिवार को घरों को छोडकऱ अन्य स्थानों पर जा चुके हैं।

- वार्ड 8 की हालत खराब है। ऐसी कोई भी गली नहीं जिसमें जलभराव और सीवरेज का गंदा पानी न भरा हो। हाल ये है कि लोग निकल नहीं पा रहे हैं। मूलभूत सुविधाएं कुछ भी नहीं हैं। फिर ऐसे चुनाव से कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए यह निर्णय लिया है। सरकार और प्रशासन अभी तक कोई प्लान तैयार नहीं कर पाया है, यह सबसे खराब स्थिति है। क्या हम इसी तरह रहेेंगे।

- राजेश कुमार निवासी जगदम्बा कॉलोनी ( वार्ड 8)

- वैसे तो कई कॉलोनियों की वर्तमान में तस्वीर एक जैसी है। यहां वार्ड में भी मूलभूत सडक़, नाली, स्ट्रीट लाइट और सफाई पर कोई ध्यान नहीं है। हम कह कहकर थक चुके हैं। जब कुछ होना ही नहीं है तो फिर किस लिए चुनाव हो रहा है। कोई सुनवाई नहीं होती है, मकानों में सीलन और लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं। फिर ऐसी नगर परिषद का क्या फायदा।

- प्रमोद सिंह परमार एडवोकेट, जगदम्बा कॉलोनी ( वार्ड 8)

Updated on:
28 Aug 2026 06:56 pm
Published on:
28 Aug 2026 06:56 pm