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Dholpur: चीनी के दामों ने घोली त्योहारी सीजन की मिठास में कड़वाहट

20 दिनों में चीनी की मिठास कड़वाहट में बदल चुकी है। अब गन्ने से बनने वाले उत्पाद यानी चीनी और गुड के दामों में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। चीनी की कीमत बढऩे से घरों का मासिक बजट भी प्रभावित हो रहा है।
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Dholpur news

चीनी तोलता दुकानदार

धौलपुर.गत 20 दिनों में चीनी की मिठास कड़वाहट में बदल चुकी है। दामों के बेतहाशा वृद्धि ने चीनी की मूल्यता को बढ़ा दिया है। 45 रुपए किलो बिकने वाली चीनी आज 65 से 70 रुपए किलो में बिक रही है। जिसका सीधा असर घरों से लेकर चाय, मिठाई और रेस्टोरेंटों पर पड़ रहा है। चीनी व्यापारियों की मानें तो मांग बढऩे और आवक में सुधार नहीं होने से दाम और बढ़ सकते हैं।

खाद्य पदार्थों की बढ़ती महंगाई त्योहारी सीजन में लोगों को झटका देने वाली है। एक ओर जहां दाल, चावल, पॉम ऑयल से लेकर सरसों तेल के दामों में वृद्धि हो चुकी है तो वहीं अब गन्ने से बनने वाले उत्पाद यानी चीनी और गुड के दामों में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि पिछले 20 दिनों में हो चुकी है। चीनी की कीमत बढऩे से घरों का मासिक बजट भी प्रभावित हो रहा है। गृहणी सीमा बंसल ने कहा कि अचानक दाम बढऩे से घर का खर्च बढ़ गया है। पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह एक और परेशानी है। छोटी-छोटी खाद्य वस्तुओं के दाम बढऩे से महीने का कुल खर्च काफी प्रभावित होता है। तो वहीं जानकारों का मानना है कि अगर बाजार में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले त्योहारों के दौरान चीनी के दाम और बढ़ सकते हैं।

थोक में 6200 रुपए प्रति क्विंटल

चीनी के थोक भाव की बात करें तो चीनी कारोबारियों के अनुसार चीनी के भाव 6100 से 6200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच चुके हैं। हालांकि यह दाम चीनी की कीमत में गिरावट के बाद हैं, क्योंकि पांच दिन पहले चीनी के दाम 6800 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच चुके थे। अब इन दामों में परिवहन सहित अन्य खर्चों को जोडकऱ खुदरा बाजार में चीनी के भाव 65 रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में उपलब्धता और मांग के बीच अंतर बढऩे से कीमतों पर दबाव बना है।

त्योहारी सीजन में बढ़ेगी परेशानी

चीनी की मांग घरों से लेकर चाय दुकानों सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर हमेशा बनी रहती है। त्योहारी सीजन के प्रारंभ होने से इसकी मांग अब और बढ़ जाएगी, क्योंकि रक्षाबंधन सहित जन्माष्टमी, नवरात्रि, और दीपावली जैसे बड़े त्योहार आने हैं। ऐसे में मांग बढऩे की संभावना ने बाजार में कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कारोबारियों के बीच जमाखोरी और बाजार में अटकलों को लेकर भी चर्चा है, हालांकि वास्तविक स्थिति आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

चाय और मिठाई की दुकानों पर असर

चीनी की कीमत बढऩे का असर चाय सहित मिठाइयों की दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है। चीनी की बढ़ती कीमत पर चाय विके्रता तौफीक खान ने कहा कि चीनी महंगी होने से चाय की लागत बढ़ गई है। पहले जहां एक दिन में दो किलो चीनी के लिए 85 रुपए खर्च करने पड़ रहे थे अब 140 रुपए खर्च वहन करना पड़ रहा है। तो वहीं मिठाइयों की दुकानों पर तो मिठाइयों के दामों में 20 से 40 रुपए अतिरिक्त इजाफा हो चुका है। देखा जाए तो चीनी के दाम बढऩे से छोटे दुकानदारों पर सीधा असर पड़ रहा है और ग्राहक भी कम आने लगे हैं।

अन्य खाद्य पदार्थ भी हुए महंगे

सब्जियों से लेकर दाल, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की कीमत में 10 से 70 प्रतिशत तक का अचानक उछाल आने से रसोई के साथ ही घर का बजट बिगड़ गया है। इसका असर अब थाली के स्वाद के साथ चाय की मिठास पर भी दिखाई देने लगा है। सरसों तेल के दाम प्रति किलो 170 से 180 तो पॉम ऑयल केे 120 सहित चावल व अन्य खाद्य पदार्थ के दामों में इजाफा देखने को मिल रहा है।