-जिधर पानी का बहाव वहां किया बंद…जिधर जलनिकासी उधर ऊंचाई -बटऊपुरा में परिषद ने कराए नाला निर्माण में कई खामियां-क्षेत्र के नाले चौक, जगह-जगह लग रहे कचरों के ढेर धौलपुर.शहर के बटऊपुरा इलाके में नगर परिषद की अकर्मण्डयता सामने आई है। जहां परिषद ने जल निकासी को नाले का निर्माण कराया, लेकिन निर्माण के दौरान […]
-जिधर पानी का बहाव वहां किया बंद...जिधर जलनिकासी उधर ऊंचाई
-बटऊपुरा में परिषद ने कराए नाला निर्माण में कई खामियां-क्षेत्र के नाले चौक, जगह-जगह लग रहे कचरों के ढेर
धौलपुर.शहर के बटऊपुरा इलाके में नगर परिषद की अकर्मण्डयता सामने आई है। जहां परिषद ने जल निकासी को नाले का निर्माण कराया, लेकिन निर्माण के दौरान नाले की संरचना पर काई ध्यान नहीं दिया गया। नाले का बहाव जिस ओर हैं उधर नाले को बंद कर दिया गया तो वहीं जिधर पानी की निकासी होगी उधर ऊंचाई ज्यादा होने के कारण पानी की प्रॉपर निकासी नहीं हो पा रही। नतीजा पानी नाले में भर रहा है।
नगर परिषद अपनी गलतियों से सीख लेती नहीं दिख रही। एक ओर जहां उचित जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने पर शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति सालों से बनी हुई है, वहीं जहां नवीन नालों का निर्माण कराया जा रहा है, उनमें से अधिकतर जगहों पर नाला निर्माण के दौरान पानी के लेवल का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। यही कारण है कि शहर में कई जगह लाखों रुपए खर्च कर ऐसे नालों का निर्माण करा दिया गया है, जो पर्याप्त रूप से जलनिकासी नहीं कर पा रहे। ऐसा ही एक नाला परिषद ने गत 15दिन पहले बटऊपुरा में बनवाया। नाले की लंबाई लगभग 100 मीटर है जिस पर 1.50 लाख रुपए खर्च होना बताया जा रहा है, लेकिन परिषद ने यहां भी निर्माण के दौरान नाले की संरचना पर कोई ध्यान नहीं दिया और जिधर नाले में पानी का बहाव है उधर नाले को बंद कर दिया गया है और जहां नाले को कच्चे नाले से जोड़ा गया है उधर ऊंचाई अधिक होने से पानी की निकासी उचित रूप से नहीं हो पा रही, जिसके कारण पानी नाले में ही भर रहा है। परिषद ने न ही कच्चे नाले का साफ कराया और न ही उसकी खुदाई कर पानी लेवल देखते हुए नाला का निर्माण कराया। हालांकि परिषद का कहना है कि नाले का निर्माण अधूरा नहीं छोड़ा गया है, बल्कि नाले का निर्माण करा क्षेत्र के मैन नाले से जोड़ा जाएगा जिससे पानी की निकासी हो सके।
मानसून के दौरान बदतर हो सकते हैं हालात
100 मीटर के नाला निर्माण के दौरान परिषद ने कई जगह कोताही बरती है। एक-दो जगह तो नाले को इतना संकरा कर दिया गया है कि अगर कुछ गंदगी फंस गई तो उसमें से निकलना दूभर हो जाएगा, तो वहीं कई जगह नाले के ऊपर हो रहे अतिक्रमण तक को नहीं हटाया गया है और ऐसे ही नाले का निर्माण कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस तरफ ढलान है उस तरफ नाला बंद कर दिया पानी ऊपर की तरफ नहीं चढ़ पा रहा। अब ऐसे में जब अभी यह हालात हैं तो मानसून में स्थिति बद से बदतर हो सकती हैं, क्योंकि परिषद ने नाला निर्माण के दौरान नाले में जगह-जगह पानी निकासी के लिए हॉल बना रखे हैं, मानसून के दौरान जब नाला ओवरफ्लो होगा तो पानी इन हॉलों में से निकलर सडक़ों पर भर जाएगा।
क्षेत्र के नाले गंदगी से अटे पड़े, लग रहा कचरे का ढेर
देखा जाए तो बटऊपुरा में एक नाला निर्माण की समस्या नहीं, बल्कि क्षेत्र में ज्यादातर जगह कच्चे नाले हैं जो गंदगी और कचरे से अटे पड़े हैं। जिनमें चौक नाले होने के कारण गंदा पानी सडक़ों पर जगह-जगह भर रहा है जिसकी दुर्गंध और बदबू से जहां वातावरण दूषित हो रहा है वहीं मच्छर और मक्खियां लोगों को बीमार कर रहे हैं। क्षेत्र में जगह-जगह लगते कचरे के ढेर नगर परिषद की कार्यशैली को दर्शा रहे हैं। कचरे को ढेरों को देखकर लगता है कि यहां दो-चार सप्ताह से कचरे का उठान तक नहीं किया गया। क्षेत्रीय लोगों ने परिषद पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां साफ-सफाई वाले कर्मचारी कभी आते ही नहीं, तो नालों की साफ सफाई कैसे होगी। तो वहीं उफनते चेम्बर बटऊपुरा के लोगों के जख्म में नमक का काम कर रहे हैं। जिनसे उफान मारता गंदा पानी सडक़ों पर भर रहा है, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने कई बार शिकायत भी की गई, हालांकि लाख शिकायत के बाद गुरुवार को परिषद की टीम ने चेम्बर की थोड़ी सफाई कर जलभराव को दूर जरूर कर दिया गया।
नगर परिषद ने जो नाला का निर्माण कराया गया है वह समझ से परे है, क्योंकि नाले का बहाव जिस ओर है उस ओर नाले को बंद कर दिया गया है तो वहीं नाले की जलनिकासी जिधर की गई है उधर ऊंचाई अधिक होने के कारण पानी निकलने में परेशानी होगी।
-इरशाद खान, क्षेत्रीय खान
नाले में कोई कमी है तो इसको दिखवा लिया जाएगा। नाले का निर्माण पूरा कराया जाएगा इसको क्षेत्र के मैन नाले से जोड़ा जाएगा,जिससे जलनिकासी आसानी से हो सके।
-गुमान सिंह सैनी, एक्सइएन नगर परिषद