धौलपुर

बरसाती पानी डूबी केन्द्रीय नर्सरी, नई पौध लगाने पर भी संकट

जलभराव से पौधशाला में पौधों को काफी नुकसान पहुंचा और आगामी सीजन के लिए नई पौध तैयार करने के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल नर्सरी में जहां पानी कम हुआ है, उस जगह पर मिट्टी डलवा कर ऊंचा किया जा रहा है जिससे पौधे लगाने के लिए जगह तैयार की जा सके। इस दफा जिले का 9.10 लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य मिला है।

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- आगामी सीजन के लिए मिला 9.10 लाख का लक्ष्य

- नर्सरी में मिट्टी डलवा कर क्यारियों को उठवा रहे ऊंचा

धौलपुर. मानसूनी बरसात ने इस दफा शहर में हर तरफ हाहाकार मचाया था। शहर में चार दर्जन से अधिक कॉलोनियां काफी समय तक पानी में डूबी रही और स्थानीय वाशिंदे घरों में कैद होकर रह गए। जलभराव ने आमजन के साथ-साथ अन्य दूसरे कार्यों को भी प्रभावित किया। यहां चोपड़ा मंदिर स्थित केन्द्रीय पौधशाला भी जलभराव की चपेट में बनी हुई है। हाल ये है कि बरसात थमे कई दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक नर्सरी पानी में जलमग्न है। पौधशाला में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। जलभराव से पौधशाला में पौधों को काफी नुकसान पहुंचा और आगामी सीजन के लिए नई पौध तैयार करने के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल नर्सरी में जहां पानी कम हुआ है, उस जगह पर मिट्टी डलवा कर ऊंचा किया जा रहा है जिससे पौधे लगाने के लिए जगह तैयार की जा सके। इस दफा जिले का 9.10 लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य मिला है।

नर्सरी की तरफ ढलान से अंदर घुसा पानी

बता दें कि केन्द्रीय पौधशाला जिस जगह पर है, वह इलाका ढलान क्षेत्र में है। यानी पानी इस तरफ बहकर आता है। ये ही वजह है कि यहां शिवनगर पोखरा समेत कई कॉलोनियों में काफी समय तक बरसाती पानी भरा रहा था। नर्सरी में ज्यादातर क्यारी पानी में डूबी हुई हैं, जिससे यहां काम करने को लेकर ही संकट खड़ा हो गया है। शुरुआत में पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास हुआ लेकिन ढलान होने से पानी वापस बहकर नर्सरी में ही घुस आया।

50 हजार से अधिक पौधों को पहुंचा नुकसान

नर्सरी में जलभराव के चलते बड़ी संख्या में पौधों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि नर्सरी में आए बरसाती पानी से करीब 50 हजार से अधिक पौधों को नुकसान पहुंचा है। इसमें आगामी सीजन की भी पौध शामिल हैं, जिन्हें तैयार किया जा रहा था।

देरी से वितरित किए जाएंगे पौधे

विभाग ने जलभराव की समस्या को देखते हुए आगामी सीजन में कुछ दिन देरी से पौधे वितरित करने की योजना बनाई है। यह केवल केन्द्रीय पौधशाला के लिए रहेगा। पौधरोपण की तैयारी हर साल एक जुलाई से होती है। ऐसे में जिले में अन्य नर्सरियों से समय से पौधे वितरण कराए जाएंगे जबकि केन्द्रीय पौधशाला से अगले सीजन में अगस्त से शुुरुआत होगी, जिससे पौधे तैयार करने के लिए समय मिल सकेगा।

- बरसाती पानी से हुए जलभराव से केन्द्रीय पौधशाला में पौधों को नुकसान पहुंचा है। पौधे तैयार करने में इस दफा अतिरिक्त समय लग सकता है। मिट्टी डलवा कर क्यारी ऊंची कराई जा रही हैं, जिससे कुछ पौधे लगाए जा सकें।

- वी.चेतन, डीएफओ, धौलपुर

Published on:
29 Nov 2024 06:42 pm
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