धौलपुर

दर्जा मिला, कार्यालय नहीं

सैंपऊ को उपखण्ड बने दशक से भी ज्यादा हो चुका है लेकिन लोग कार्यों के लिए जिला मुख्यालय पर ही निर्भर
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Jan 02, 2019
dholpur news dholpur
दर्जा मिला, कार्यालय नहीं

दर्जा मिला, कार्यालय नहीं
-सैंपऊ को उपखण्ड बने दशक से भी ज्यादा हो चुका है लेकिन लोग कार्यों के लिए जिला मुख्यालय पर ही निर्भर
-नहीं खुला उपखण्ड स्तरीय कार्यालय
सैंपऊ. कस्बे को उपखंड का दर्जा मिले हुए तकरीबन एक दशक से अधिक समय बीत गया लेकिन उपखंड स्तरीय कार्यालय नहीं खुलने पर संबंधित कार्यालयों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा कई बार मांग भी उठाई गई। कस्बेवासियों द्वारा प्रशासनिक और राजनेताओं को ज्ञापन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई और स्थिति यथावत बनी हुई है। इस कारण मूलभूत सुविधाओं का भी लाभ लोगों को नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्वीकृत हुआ लेकिन खुला नहीं
कस्बे में विद्युत विभाग का सहायक अभियंता कार्यालय को स्वीकृत हुए करीब 1 वर्ष का समय बीत गया। लेकिन अभी तक कार्यालय शुरू नहीं होने के कारण सहायक अभियंता संबंधी कार्यों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय भागने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लेकिन इसकी ना तो राजनेताओं ने और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया जिसके चलते मामला अधर में लटका हुआ है।
कार्यालय पर लटका रहता है ताला
कस्बे में सार्वजनिक निर्माण विभाग का सहायक अभियंता कार्यालय तो है। लेकिन महीने में कभी कभार खुलता है। नहीं तो ताला ही लटका रहता है और सड़क संबंधी कार्यों के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की तो बताया सहायक अभियंताओं की कमी होने परेशानी हो रही है। अभियंता कमी पूरी होने पर मुख्यालय पर नियमित अधिकारी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी मुख्यालय पर नहीं बैठने के कारण सड़कों की हालत दयनीय है और लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं।
जाम की समस्या से जूझता कस्बा
कस्बे के मुख्य बाजार में अतिक्रमण और वाहनों का आवागमन अधिक होने कारण बाजार में जाम की समस्या आम हो गई है। जिसके चलते वाहन चालकों एवं राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए बाईपास बनाने का मामला स्थानीय विधायक द्वारा विधानसभा में भी उठाया गया लेकिन अभी तक बाईपास समस्या जस की तस बनी हुई है। जिसका खामियाजा लोगों को जाम की समस्या के रूप में उठाना पड़ रहा है।

Published on:
02 Jan 2019 07:38 pm