
दस्यु जगन की 10 जुलाई तय थी सरेंडर की तारीख, अंतिम समय में बदला इरादा
दस्यु की 'सल्तनतÓ में पहुंच रेंज आईजी के दूत भरतपुर सीओ ग्रामीण ने जगन को किया था सरेंडर के लिए राजी
चंबल के बीहड़ों के खूंखार इनामी दस्यु जगन गुर्जर के सरेंण्डर की तारीख पहले ही तय हो चुकी थी, उसे 10 जुलाई को आत्म समर्पण करना था और इसके लिए उसने करौली जिले के मांसलपुर थाना क्षेत्र पर करीब-करीब सहमति दे दी थी।
लेकिन इस बीच जयपुर में आला पुलिस अधिकारियों ने विधानसभा सत्र में हंगामा होने की आशंका को देखते दस्यु को किसी भी कीमत पर पहले सरेंडर कराने के रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए। इस पर रेंज आईजी भूपेन्द्र साहू ने नए सिरे से जगन को सरेंडर कराने की रणनीति बनाई। दस्यु को सरेंडर कराने का टास्क उन्होंने भरतपुर ग्रामीण सीओ परमाल सिंह गुर्जर को सौंपा। सीओ गुरुवार को धौलपुर में दस्यु के गुमनाम ठिकाने (सल्तनत) पर पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार सीओ ने दस्यु को एक बारगी गुरुवार को ही सरेंडर करने पर राजी कर लिया लेकिन अंतिम समय में उसने निर्णय बदल दिया और शुक्रवार सुबह सरेंडर के लिए कहा। आला अधिकारियों ने शुक्रवार को दस्यु के सरेंडर करने की प्रस्ताव को हरी झण्डी दे दी।
करौली पुलिस अपने इलाके में चाहती थी दस्यु जगह का सरेंडर : धौलपुर जिले में दस्यु जगन के महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार की वारदात से रातों-रात सुर्खियों में आए दस्यु को पकडऩे के लिए धौलपुर पुलिस जोर-शोरों से लगी थी।
इधर, दस्यु ने करौली जिले में भी वारदात की थी और दस्यु के छिपने के संभावित ठिकानों पर करौली पुलिस भी चौबीस घंटे निगरानी बनाए हुए थी। सूत्रों के अनुसार करौली पुलिस के मुखबिर और गुर्जर समाज के लोगों ने दस्यु को आगामी 10 जुलाई को सरेंडर करने के लिए करीब-करीब राजी कर लिया था। सरेण्डर की इस विशेष तारीख के पीछे करौली एसपी के अवकाश
पर होना एक वजह बताया जा
रहा है।
ये कम लोग ही जानते है कि दस्यु जगन गुर्जर को उसके नजदीकी परिचित व गिरोह के साथ उसे 'मुखियाÓ कहकर बुलाते हैं। सूत्रों के अनुसार भरतपुर से गए सीओ गुरुवार शाम को ही दस्यु के संपर्क में आ गए और कुछ घंटे की वार्ता के बाद वह उसी दिन सरेंडर पर राजी हो गया। लेकिन बाद में अन्य लोगों की रात में कुछ भी होने की आशंका जताने पर उसने सरेंडर का इरादा बदल दिया। जिस पर सीओ ने उसे वापस भरोसे में लिया, जिस पर वह शुक्रवार सुबह सरेंडर करने पर राजी हो गया।