
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की बैरक के अंदर बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद पूरे राजस्थान के पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जगन गुर्जर का शव आज सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच धौलपुर के बाड़ी उपखंड क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुंच चुका है, जहां चंबल के बीहड़ों के पास भारी पुलिस बल और प्रशासन की कड़ी निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे धौलपुर जिले और चंबल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
जगन गुर्जर के परिवार की एक मुख्य मांग यह भी थी कि जेल में बंद उसके भाई पप्पू गुर्जर को अंतिम विदाई में शामिल होने का मौका दिया जाए। प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार करते हुए पप्पू गुर्जर को विशेष पैरोल मंजूर की है। पप्पू गुर्जर को कड़ी पुलिस कस्टडी के बीच उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा लाया गया है ताकि वह अपने भाई जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल हो सके। इस दौरान गांव में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रखी गई है।
मृतक जगन गुर्जर बेटे आसाराम गुर्जर ने बताया कि सभी परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। विशेष तौर से अलग-अलग जेलों में बंद जगन के तीन भाई भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक भाई पप्पू गुर्जर अजमेर जेल से धौलपुर पहुँच गया है। जबकि दो अन्य भाई धौलपुर जेल से पहुंचेंगे। दाह संस्कार करीब 11 बजे होगा।
जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए गहरा आक्रोश जताया है। आसाराम का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजनों के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने जिन मुख्य मांगों को लिखित में माना है, वे इस प्रकार हैं:
जगन गुर्जर हत्याकांड की पूरी तरह से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
जगन गुर्जर के परिवार के सदस्यों और जेल में बंद उसके भाई पप्पू गुर्जर को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
लापरवाही बरतने वाले जेल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ और प्रशासन की टीम ने परिजनों से लंबी बातचीत की। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच एक लिखित सहमति बनी। इस लिखित समझौते के बाद ही परिजन धरने से उठे और मेडिकल बोर्ड द्वारा जगन गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम किया जा सका। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात शव को परिजनों के सुपुर्द कर धौलपुर के लिए रवाना किया गया।
जगन गुर्जर की हत्या की खबर मिलते ही उसके परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अजमेर पहुंच गए थे। अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय (JLN) की मोर्चरी के बाहर परिजनों और ग्रामीणों ने करीब 30 घंटे तक जोरदार धरना प्रदर्शन किया। परिजनों का साफ कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी मांगें लिखित में नहीं मानता, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इस गतिरोध के कारण अस्पताल परिसर में भारी तनाव बना रहा और पुलिस को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े।
Ajmer High Security Jail की सुरक्षा व्यवस्था पर इस घटना ने बहुत बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। जगन गुर्जर जिस हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद था, वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे के लेंस पर वारदात से ठीक पहले टूथपेस्ट लगा दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि हत्या की लाइव रिकॉर्डिंग न हो सके और जेल प्रशासन को भनक न लगे।
शुरुआती अंदरूनी जांच और खुफिया जानकारी के अनुसार, बैरक के अंदर जगन गुर्जर का तौलिये से गला दबाकर इस हत्या को अंजाम दिया गया है। इस पूरी साजिश और वारदात के पीछे भरतपुर के एक अन्य चर्चित हत्याकांड के आरोपी का नाम सामने आ रहा है, जो उसी जेल में बंद है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हाई सिक्योरिटी जोन में टूथपेस्ट और इस तरह की वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग कैसे की गई और इसमें जेल स्टाफ की क्या भूमिका थी।