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 Dholpur: मरीज की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, झोलाछाप डॉक्टर पर लगाया गलत इलाज का आरोप

जिले के राजाखेड़ा में झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। युवक की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पर एकत्रित हो गए ओर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
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Dholpur news

राजाखेड़ा हॉस्पिटल की मोर्चरी पर लगी भीड़

Dholpur, राजाखेड़ा. यहां पीरकी रोड पर एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज और गलत इंजेक्शन लगाए जाने से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। मृतक सीमावर्ती पड़ोसी आगरा जिला के जगतूपुरा गांव का निवासी था। युवक की मौत के बाद बड़ी संख्या में थाने पर एकत्रित हो गए जिससे एक बारगी पुलिस को कासी मशक्कत करनी पड़ी। मृतक के पुत्र रामहरि ने राजाखेड़ा थाने में तहरीर देकर कथित चिकित्सक और किशोर (कंपाउंडर) के खिलाफ गलत इलाज का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है।

उतर प्रदेश और राजाखेड़ा की सीमा पर स्थित गांव जगतूकापुरा, थाना मनसुखपुरा, आगरा निवासी रामहरी पुत्र रामगोपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता रामगोपाल (48) को लगभग 4 से 5 दिन पहले तेज बुखार की शिकायत थी। इलाज के लिए वे उन्हें राजाखेड़ा के कथित चिकित्सक राममूर्ति के क्लीनिक ले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राममूर्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए 4-5 प्रकार के ब्लड टेस्ट करवाए और 5 दिनों तक लगातार ग्लूकोज की ड्रिप लगाकर रामगोपाल को क्लीनिक में भर्ती रखा।

इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत

रामहरी ने बताया कि वह पिता की देखभाल के लिए क्लीनिक पर ही था। 17 अगस्त की शाम कथित चिकित्सक रामहरि ने उन्हें घर भेज दिया। करीब एक घंटे बाद क्लिनिक से फोन आया कि मरीज की हालत गंभीर है। जब वे तुरंत क्लीनिक पहुंचे तो डॉक्टर ने कहा कि मरीज को किसी बड़े अस्पताल ले जाओ। परिजनों ने सवाल किया कि पहले तो आपने इलाज की गारंटी ली थी, तो डॉक्टर और उसके कथित किशोर कंपाउंडर ने उनके साथ अभद्रता की और गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने रामगोपाल को एक इंजेक्शन लगाया और कहा कि ये लगते ही ठीक हो जाएंगे। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद हुई रामगोपाल की मृत्यु हो गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलते ही थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय के शव: गृह में रखवा दिया और मंगलवार दोपहर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल

जिले की स्वास्थ्य सेवाएं मोटे खर्च के बाद भी जनता के विश्वास पर खरी नहीं उतर रही हैं और मुख्यालय ही नहीं गांवों में भी गली-गली झोलाछापों की दुकानें सजी हुई हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करके रह जाता है। गत वर्ष भी ऐसी ही एक घटना में मासूम की मौत के बाद काफी हंगामा हुआ था, पर नतीजा ढाक के तीन पात निकला। इस घटना के बाद भी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर भी लोगों में रोष है। 

- शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। बोर्ड ने पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट आते ही और क्लीनिक के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

-वीरसिंह, थानाधिकारी राजाखेड़ा