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धौलपुर: अचानक उफान पर आया दमोह झरना, फंस गए करीब 100 पर्यटक; SDRF ने निकाला सुरक्षित

धौलपुर के सरमथुरा स्थित दमोह झरने पर तेज बारिश के बाद अचानक पानी बढ़ गया। झरना देखने पहुंचे करीब 100 लोग पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए। पुलिस, प्रशासन, SDRF और ग्रामीणों ने करीब 4 घंटे के रेस्क्यू के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
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tourists stranded at dholpur damoh waterfall

धौलपुर के दमोह झरने पर बारिश का कहर: उफान पर आई बरसाती नदी, तेज बहाव में फंसे 100 पर्यटक (पत्रिका फोटो)

सरमथुरा (धौलपुर): राजस्थान के धौलपुर जिले स्थित प्रसिद्ध दमोह झरने पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झरने का लुत्फ उठाने पहुंचे करीब 70 से 100 पर्यटक तेज बारिश के कारण अचानक आए पानी के बहाव में फंस गए। देखते ही देखते पहाड़ी नदी उफान पर आ गई और पर्यटकों का वापस लौटने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला और करीब 4 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

अचानक बढ़ा जलस्तर

जानकारी के अनुसार, वीकेंड होने के कारण बड़ी संख्या में युवक और पर्यटक सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध दमोह झरने की सैर करने पहुंचे थे। दिन में झरने का खूबसूरत नजारा देखने के बाद जब पर्यटक वापस लौटने लगे, तभी इलाके में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।

पहाड़ी इलाकों से पानी तेजी से नीचे की ओर बहा, जिससे झरने के रास्ते में पड़ने वाली बरसाती नदी का जलस्तर देखते ही देखते बेहद बढ़ गया। नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि पर्यटकों के कदम वहीं थम गए और आगे बढ़ने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। नदी के बीच और किनारे फंसे युवाओं में अफरा-तफरी मच गई।

SDRF और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

घटना की खबर फैलते ही सरमथुरा थाना पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। सरमथुरा थाना अधिकारी कैलाश कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। राहत और बचाव कार्य को गति देने के लिए तुरंत SDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी मानवीय संवेदना दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

रस्सियों और ट्रैक्टर की मदद से 4 घंटे चला रेस्क्यू

मौके पर पहुंची SDRF, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। उफनती नदी के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए रस्सियों को बांधा गया और ट्रैक्टरों की मदद ली गई। रात के अंधेरे और तेज बहाव के बीच चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद देर रात एक-एक करके सभी 100 पर्यटकों को सुरक्षित किनारे पर ले आया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी पर्यटक के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है।

खतरे का सबब बनती है बरसाती नदी

दमोह झरने के रास्ते में पड़ने वाली यह नदी सामान्य दिनों में सूखी या बेहद कम पानी वाली रहती है। हालांकि, मानसूनी सीजन में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होते ही यह अचानक उफान पर आ जाती है। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ता है कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
घटना के बाद सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश कुमार ने पर्यटकों और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में दमोह झरने, अन्य जलप्रपातों और बरसाती नदियों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। जब तक मौसम साफ न हो जाए, ऐसे जोखिम भरे और संवेदनशील स्थलों से दूरी बनाकर रखें तथा सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें।